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*शहडोल।* शहडोल मां कंकाली सेवा समिति ग्राम पंचायत झगरहा अंतर्गत अंतरा प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई श्रमदान गांव द्वारा शुरू किया जा रहा है स्थानीय जनजाति युवाओं के प्रयास से प्राचीन मां कंकाली बावली जल स्रोतों से कचरा निकाल कर उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है कंकाली सेवा समिति में कई वर्षों से कोल जनजाति समाज के युवाओं द्वारा मंदिर एवं परिसर को-साफ सुथरा स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया है कि निरंतर मां कंकाली ट्रस्ट चौकीदारी से ले करके मंदिर के चारों तरफ की जिम्मेदारी इन युवाओं द्वारा देख रेख करते हैं दुर्भाग्य की बात यह है की इन युवाओं को मां कंकाली समिति ट्रस्ट में सदस्य नहीं बनाया जा रहा है इन युवाओं द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय एवं एसडीएम महोदय जी को लिखित में निवेदन किया है कि मां कंकाली ट्रस्ट मैं सदस्य मनोनीत कराया जाए ,विश्व पर्यावरण दिवस पर प्राचीनकाल से बावली धरोहर है इसकी देखरेख कि जिम्मेदारी युवाओं ने रखा है इस अवसर पर
इसमें समाचार के बीच में जो जनजातीय सुरक्षा मंच विभाग संयोजक श्री सरदारी लाल कोल ने भी बावली की सफाई में श्रमदान किया कहा कि प्राचीन नदी, तालाब और कुएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी समय-समय पर साफ-सफाई एवं संरक्षण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी से कम से कम एक फलदार वृक्ष लगाने का आह्वान भी किया। मां कंकाली के सभी सेवादार । जगदीश कोल, महेश कोल ,अजय कोल उमेश कोल, शिव कोल ,केशलाल कोल तेजराम कोल ,शंकर कोल ‘,दीपक कोल, दुर्गेश कोल ,पुरन कोल ,सोन कोल ,अर्मित बैगा, रोहित कोल, राजू कोल, हीलन कोल. संजय कोल ,अनिल कोल
सूरज कोल, शिवराम गकोल, विकास कोल ,आदित्य कोल ,अखिल कोल, शिवम कोल, श्याम बैगा ,दीपक बैगा, दिनेश कोल, इत्यादि।


