जबलपुर। शहर की रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रात के समय नियमित सफाई नहीं होने से सड़कों और नालियों में कचरा जमा हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से कागजों पर सफाई व्यवस्था बेहतर दिखाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रिंस स्ट्रीट, अंधेरदेव मस्जिद रोड, मुकादमगंज मुख्य मार्केट, अंजुमन मार्केट, अंधेरदेव, बमचक, डोसा वाली गली तथा करमचंद चौक सहित कई क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से रात्रिकालीन सफाई कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है। कई स्थानों पर सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण सड़कों पर कचरा जमा हो रहा है और नालियां भी प्रभावित हो रही हैं।
नागरिकों ने बताया कि गंदगी की शिकायतें लगातार स्वच्छता ऐप के माध्यम से दर्ज कराई जा रही हैं। शिकायतों का तकनीकी रूप से निराकरण तो दिखा दिया जाता है, लेकिन अगले ही दिन स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। लोगों का कहना है कि आखिर वे बार-बार शिकायतें दर्ज कर कब तक अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें, जबकि स्थायी समाधान की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और त्योहारों का समय भी निकट है। ऐसे में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। नालियों में जमा कचरा बारिश के दौरान जलभराव और बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।
नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर अधिकारियों की ओर से यह कहकर आश्वस्त किया जाता है कि सफाई कर्मचारी भेजे जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचते। परिणामस्वरूप गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग रहे हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था केवल दस्तावेजों और रिपोर्टों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव सड़कों और मोहल्लों में भी दिखाई दे। उनका कहना है कि यदि शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर स्थान दिलाना है तो जमीनी स्तर पर नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। केवल दावों और आंकड़ों से नहीं, बल्कि वास्तविक सफाई से ही शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है।


