क्षेत्र की दर्जनों महिला रसोईयों ने विधायक विवेक पटेल को सौंपा ज्ञापन
वारासिवनी*- स्व सहायता समूहो की स्कूलों में कार्यरत रसोईयों को बिना सूचना काम से निकालने का बालाघाट जिला सीईओ अभिषेक सर्राफ द्वारा आदेश जारी किया है। ईसोईयों को काम से बंद करवाने को लेकर शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों रसोईया विधायक विवेक विक्की पटेल के जनसंपर्क कार्यालय पहुंची।जहां उन्होंने विधायक विवेक पटेल से मुलाकात कर काम में बंद होने वाली रसोईयों को वापस स्कूल में कार्य पर रखने की माँग को लेकर विधायक विवेक पटेल को ज्ञापन सौंपा है।इस दौरान ज्योतिकला पटले,राजेश्वरी बोपचे,माधुरी अवधिया,जसवंता पटले,महमूद मिसा अली,जुलेखा खान,पूर्णिमा सोनवाने,आवेदा बी,पुष्पा भोयर, नीला शेन्दे,कला कुंजाम,श्यामवती पजराहे,माधुरी वघाड़े,कमलाबाई राहंगडाले,बारुला बाई परते,नीलावती भेरम,खेलनबाई नागोसे,श्यामा देशमुख सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद रही।
*बंद किए रसोईयों को नहीं लिया गया वापस,तो स्कूल में खाना बनाने नहीं जाएंगे-शोभा पटेल*
माध्यमिक शाला का संचालन करने वाली समूह की सचिव शोभा पटले ने बताया कि माध्यमिक शाला में कार्यरत रसोईयों को काम से बंद करने का नोटिस जारी हुआ है।जहा कार्यरत है,वहां से एक-एक रसोईयों को बंद कर रहे है।जब बंद ही करना है।तो सभी जगहों से सभी रसोईयों को बंद करे।किसी एक को बंद करके उसका रोजगार छीना जा रहा है।बंद करने का कारण बच्चों की संख्या कम होना बता रहे है।और नोटिस भी हमे लिखती में नहीं मिला है।मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप में स्कूल के प्रधान पाठक के पास भेजा जा रहा है।हमने जब प्रधान पाठक से पूछे तो वे कहते है कि जिला सीईओ द्वारा नोटिस भेजा गया है।जिन रसोईयों को बंद किया गया है।अगर उन्हें वापस नहीं लिया जाता तो वर्तमान में जो रसोईया कार्यरत है। कोई भी स्कूल में खाना बनाने नहीं जायेगा।
बच्चों की कम संख्या का बहाना बताकर बेवजह निकाला जा रहा समूह की महिलाओं को-विवेक पटेल
विधायक विवेक पटेल ने कहा कि हमारी माता बहने मेहनत करके स्कूलों में समूह के माध्यम से भोजन बनाने का कार्य करती है।महिलाओ ने बताया कि बच्चों की कम संख्या का बहाना बताकर उन्हें बिना नोटिस मिले ही निकाला जा रहा है।भाजपा महिलाओं के सम्मान की बात करती है।ये सिर्फ उनके भाषणों में ही दिखाई देता है।धरातल पर महिलाओ से रोजगार छीना जा रहा है।गरीब घरों की महिलाएं दो पैसे कमाने अपने बच्चों का भरण पोषण और उन्हें अच्छी शिक्षा मिले इसलिए वे स्कूलों में खाना बनाने जाती है।मगर शासन ने अब उनका रोजगार ही खत्म कर दिया है।मैने अधिकारियों से चर्चा की है।समूह की महिलाओं को बेवजह ना निकाले।उन्हें पुनः काम में रखा जाए।


