July 1, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीय

वित्त मंत्री सीतारमण ने की फ्रांस दौरे की शुरुआत, आर्थिक और निवेश संबंधों को नई मजबूती देने पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली, 1 जुलाई । केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को फ्रांस के आधिकारिक दौरे की शुरुआत की, जहां वह भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, आर्थिक सहयोग को गहरा करने और निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगी। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम फ्रांस के ऐक्स-एन-प्रोवेंस में आयोजित होने वाला भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (ईएफडी) होगा। इस बैठक की सह-अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, औद्योगिक ऊर्जा और डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर करेंगे।इस संवाद के दौरान दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों की तलाश करेंगे और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।फ्रांस प्रवास के दौरान वित्त मंत्री कई वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इसके अलावा वह शीर्ष उद्योगपतियों के साथ एक गोलमेज चर्चा (राउंडटेबल) में भी हिस्सा लेंगी।

इन बैठकों में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधार, बढ़ते निवेश अवसरों और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।निर्मला सीतारमण ‘नई मध्यम वर्गीय आबादी के विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाए’ विषय पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा में भी भाग लेंगी। यह चर्चा लेस रेनकॉन्ट्रेंस इकोनॉमिक्स डी’ऐक्स-एन-प्रोवेंस के तहत आयोजित होगी, जिसे यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक आर्थिक और सार्वजनिक नीति मंचों में से एक माना जाता है।इस सम्मेलन का आयोजन ले सर्कल डेस इकोनॉमिस्ट्स द्वारा किया जाता है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, केंद्रीय बैंक प्रमुख, उद्योगपति, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।अपने दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री कैडाराचे स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (आईटीईआर) परियोजना का भी दौरा करेंगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है, जिसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देश साझेदार हैं।

अन्य ख़बरें

वायुसेना के नए वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संभाला कार्यभार

Newsdesk

राघव चड्ढा को दिल्ली हाईकोर्ट से आंशिक राहत, पांच आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का दिया आदेश

Newsdesk

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading