फाउंडेशन में काली मिट्टी डालने का आरोप, पीआईयू एसडीओ ने भी जताई आपत्ति; ठेकेदार ने आरोपों से किया इनकार_
सुकतरा : – आदिवासी बाहुल्य विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुकतरा में लगभग 93 लाख रुपये की लागत से बन रहे नए उप तहसील कार्यालय भवन के निर्माण कार्य पर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में शुरुआत से ही लापरवाही बरती जा रही है और फाउंडेशन में मानकों के विपरीत काली मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पुराना उप तहसील कार्यालय जर्जर हो चुका था, जिसके बाद नए भवन की स्वीकृति मिली। भूमि विवाद के चलते निर्माण कार्य कुछ समय तक रुका रहा। बाद में ग्रामीणों की सहमति से कब्रिस्तान के समीप स्थित शासकीय भूमि पर भवन निर्माण शुरू किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले न तो जनप्रतिनिधियों को सूचना दी गई और न ही मौके पर निर्माण संबंधी सूचना बोर्ड लगाया गया। शिलान्यास या भूमि पूजन से संबंधित शिलापट्ट भी अब तक नहीं लगाया गया है, जिससे परियोजना की लागत, विभाग और निर्माण अवधि जैसी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फाउंडेशन में काली मिट्टी डाली जा रही है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में निर्माण कार्य कराने की मांग की है।
इस मामले में पीडब्ल्यूडी पीआईयू के एसडीओ दीनदयाल उपाध्याय ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि फाउंडेशन में कम गुणवत्ता वाली काली मिट्टी डाली गई है, जबकि वहां हार्ड मुरम और गिट्टी की चूरी का उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी विभाग को है।
वहीं, एकेएस कंस्ट्रक्शन कंपनी, सूरत के ठेकेदार सुनील गाड़िया ने सभी आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि भवन निर्माण के लिए 93 लाख रुपये स्वीकृत हैं, कार्य 1 अप्रैल से शुरू हुआ है और जनवरी 2027 तक पूरा किया जाना है। उन्होंने कहा कि शिलापट्ट निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लगाया जाएगा तथा एसडीओ द्वारा काली मिट्टी डाले जाने की बात गलत है।


