बालाघाट। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोहर अग्रवाल ने सिवनी जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों को भावांतर राशि देने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है। प्रदेश के लाखों किसान जानना चाहते हैं कि आखिर उन्हें प्रति क्विंटल कितनी राशि मिलेगी।
मनोहर अग्रवाल ने कहा कि गांव में किसान अपनी उपज(धान) लगभग ₹1800 से ₹1900 प्रति क्विंटल के भाव पर कोचिया व्यापारियों को मजबूर होकर बेचते हैं, जिससे किसानों का जबरदस्त शोषण होता है इसी से बचने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शासन कृषि उपज की खरीदी करता ह लेकिन अब सरकार समर्थन मूल्य में खरीदी बंद कर किसानों के खाते में भाव अंतर की राशि डालने की घोषणा की है
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह नहीं बताया कि भावांतर की राशि कितनी निर्धारित की गई है। किसानों के मन में आशंका है कि कहीं सरकार केवल ₹100 या ₹200 देकर किसानों का मुंह बंद करने की कोशिश तो नहीं कर रही है? यदि सरकार वास्तव में किसान हितैषी है तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि किसानों को समर्थन मूल्य के अनुरूप पूरा अंतर मिलेगा या नहीं?
यह भी स्पष्ट करें चुनाव में सरकार ने ₹3100 एमएसपी देने की वादा की थी उसका क्या हुआ? क्या सरकार अपने वादे से मुकर रही है?
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों के साथ किसी भी प्रकार का छल करती है या अधूरी राशि देकर मामले को समाप्त करने का प्रयास करती है, तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से किसानोंकी आवाज उठाएगी


