घोषणा के बाद शिक्षकों की मांग पूरी करने भाजपा सरकार असफल-विवेक पटेल
वारासिवनी*-मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा अतिथि शिक्षकों के महापंचायतों में की गई घोषणा को पूरा नहीं करने सहित विभिन्न मांगो को लेकर रविवार को वारासिवनी जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के नाम विधायक विवेक विक्की पटेल को ज्ञापन सौंपा है।वहीं विधायक विवेक पटेल ने कहा कि अतिथि शिक्षक मेहनत करके बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहे है।बच्चों को पढ़ा रहे है।तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने महापंचायत बुलाकर घोषणा के माध्यम से शिक्षकों से वादा किए थे।जो आज तक पूरा नहीं किए है।मै इनकी मांगो को विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे। और सरकार से मांग करेंगे कि अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाए।इस दौरान अध्यक्ष संजय राणा,रविन्द्र उरकुडे,गोपीचंद शरणागत,देवेंद्र पंचेश्वर,मोहित बिसेन,सचिन घोले,जयप्रकाश पटले,दिलीप पटले,मुनेंद्र बोरकर,चुन्नीलाल बिसेन,श्रीमती दीपकला राहंगडाले,स्वाति पटले,भूमिका लिल्हारे सहित शिक्षकगण मौजूद रहे।
*शिक्षा मंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान बोला झूठ*
विदित हो कि महापंचायत के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने घोषणा के कहा था कि अनुभवी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए वरिष्ठता के आधार पर संविदा शिक्षकों को नियमित किया जाएगा। मगर अभी तक आदेश जारी नहीं हुआ हुआ।वहीं शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह द्वारा अतिथि शिक्षक के स्कोर कार्ड के अंक 25 से घटाकर 20 किया गया।जब प्रश्न काल के माध्यम से उत्तर पूछा गया तो यह बताया गया कि हमने 20 अंक बोनस के रूप में दिए है।जबकि 20 अंक बोनस की बात उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार सीधी भर्ती के महापंचायत की घोषणा में की गई थी इस घोषणा से भी मुकर गए।वही वादाखिलाफी विभागीय परीक्षा लेकर गुरुजी की तर्ज पर एक नीति बनाकर नियमितीकरण की घोषणा की गई थी।जो आज तक पूरी नहीं हुई है।
*घोषणा के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया पूरा- महेंद्र बोरकर*
शिक्षक महेंद्र बोरकर ने बताया कि 2 सितम्बर 2023 को भाजपा की सरकार ने जो अतिथि शिक्षकों के हित में जो घोषणा की थी।वो घोषणा आज तक पूरा नहीं किया गया है।अतिथि शिक्षकों को नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश,सामाजिक सुरक्षा एव दुर्घटना बीमा की सुविधा आज तक प्रदान नहीं की गई।बढ़ती महंगाई के अनुरूप मानदेय वृद्धि एवं अतिथि शिक्षकों को सम्मानजक पदनाम प्रदान करने के शासन की वर्तमान नीति एवं समय सीमा तय नहीं है।प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों का भविष्य सम्मान एव समाजिक सुरक्षा से जुड़े है।हम चाहते हैं कि प्रदेश सरकार हम अतिथि शिक्षकों को मांग को पूरा करे।


