केंद्र सरकार पर बोली हमला
अनूपपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत बुधवार, 22 जुलाई 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर द्वारा धनश्री पैलेस में छात्र संवाद कार्यक्रम एवं जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एआईसीसी द्वारा नियुक्त अभियान समन्वयक प्रतिभा रघुवंशी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष श्याम कुमार (गुड्डू) चौहान ने की। वहीं कार्यक्रम के संयोजक युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा रहें।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल देशभर के छात्रों और युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी तथा शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।इसके पश्चात एआईसीसी समन्वयक प्रतिभा रघुवंशी ने उपस्थित छात्रों एवं युवाओं को अभियान की विस्तृत रूपरेखा से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एलईडी स्क्रीन पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोटा एवं देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रमों के वीडियो प्रदर्शित किए गए। साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं एवं छात्रों के भविष्य पर पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभा रघुवंशी एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने छात्रों एवं युवाओं से सीधे संवाद कर उनके सुझाव और समस्याएं सुनीं।
दोपहर 3 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय अनूपपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद मार्च भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण था, जहां देशभर से पहुंचे छात्र-युवा अपनी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा लेकर दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संवाद के स्थान पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, अनेक छात्र घायल हुए तथा छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं।पत्रकार वार्ता में कहा गया कि राहुल गांधी कांग्रेस सांसदों के साथ छात्रों की मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन उन्हें एवं अन्य विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों एवं शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया।पत्रकार वार्ता में कहा गया कि छात्रों की मांग केवल निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षाएं, पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाया है।कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में कम-से-कम 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। पत्रकार वार्ता में NEET-UG 2026 परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पेपर लीक के बाद परीक्षा निरस्त होने से लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। साथ ही री-नीट परीक्षा के बाद ओएमआर शीट, स्कोरकार्ड एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सामने आए आरोपों पर स्वतंत्र जांच एवं पूरी परीक्षा प्रक्रिया का ऑडिट कराने की मांग दोहराई गई।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रियाओं में समयबद्धता तथा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था पर संसद में विशेष चर्चा तथा परीक्षाओं एवं भर्तियों के लिए बाध्यकारी वार्षिक कैलेंडर लागू करने की मांग दोहराई।पत्रकार वार्ता में बताया गया कि “छात्रों की गूंज” अभियान वर्तमान में देश के 28 प्रमुख शहरों में संचालित किया जा रहा है तथा इसे शीघ्र ही 100 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान छात्रों एवं युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।


