जबलपुर। अधारताल तहसील के शताब्दीपुरम क्षेत्र में जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की करीब एक एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाने गुरुवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शुरू की गई कार्रवाई का झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने विरोध किया, जिसके चलते कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों का कहना था कि वे कई वर्षों से इस जमीन पर झुग्गियां बनाकर रह रहे हैं। उनका आरोप था कि बारिश के मौसम में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया जा रहा है, जिससे उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से कार्रवाई को कुछ समय के लिए स्थगित करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।
करीब 75 परिवारों के अतिक्रमण का दावा
अधारताल एसडीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि संबंधित भूमि जबलपुर विकास प्राधिकरण की है और इसे केसरवानी ट्रस्ट को आवंटित किया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार, जमीन पर करीब 75 परिवारों ने अवैध रूप से झुग्गियां बनाकर कब्जा कर रखा है।
एसडीएम ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों को कार्रवाई से पहले विधिवत नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
मौके पर पुलिस बल तैनात
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। विरोध की स्थिति को देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।


