नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार के गृह (पुलिस-II) विभाग ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA – National Security Act, 1980) के तहत एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। उपराज्यपाल (Lt. Governor) के आदेश से जारी इस अधिसूचना के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को किसी भी संदिग्ध या सुरक्षा के लिए खतरा बने व्यक्ति को हिरासत में लेने (Detaining Authority) की शक्तियाँ प्रदान की गई हैं। तीन महीने की अवधि के लिए प्रभावी होगा आदेश
दिल्ली राजपत्र (Delhi Gazette Extraordinary) में 15 जुलाई 2026 को जारी इस अधिसूचना के अनुसार, ये विशेष शक्तियाँ अगले तीन महीनों के लिए प्रभावी रहेंगी:
प्रभावी समय सीमा: 19 जुलाई 2026 से लेकर 18 अक्टूबर 2026 तक।
कानूनी प्रावधान: राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3 की उप-धारा (3) तथा धारा 2 के खंड (e) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपराज्यपाल ने धारा 3(2) के अंतर्गत निरुद्ध करने (Detain करने) का अधिकार दिल्ली पुलिस आयुक्त को सौंपा है।
क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) का प्रभाव?
इस आदेश के प्रभावी होने के बाद, दिल्ली पुलिस आयुक्त के पास यह अधिकार होगा कि यदि उन्हें यह अंदेशा हो कि कोई व्यक्ति राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) अथवा आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है, तो उसे बिना किसी औपचारिक आरोप पत्र के हिरासत में लिया जा सकता है।
गृह-III विभाग के उप सचिव रमेश कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस राजपत्र आदेश को उपराज्यपाल के नाम और आदेश से तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।


