बालाघाट/इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट में दिनांक 24 जुलाई 2026, अपरांह 3 बजे से डाॅ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष की अध्यक्षता में बालाघाट जिले के पुरातात्विक महत्वपूर्ण अवशेषों संरक्षण, सौंदर्यीकरण, विकास हेतु आवश्यक संवाद आयोजित कर निम्नांकित मनोनयन किया गया,जिसमें:-
1- 1- कृष्णा कंसरे – बालाघाट
2- अजय ठाकुर- लालबर्रा
2- 1- देवानंद मेश्राम (लखन)- कटंगी
2- बुद्धरत्न रावत – तिरोड़ी
3- 1- उमेश सैय्याम – बिरसा
2- रवींद्र बिसेन – बैहर
4- 1- चारुदत्त शेंडे – परसवाड़ा
2- विनय परिहार – परसवाड़ा [लूद क्षेत्र]
3- प्रतीत नगपुरे – परसवाड़ा लामता क्षेत्र]
5- 1- दिनेश रामटेककर- लांजी
2- उग्रेंद्र मेश्राम – किरनापुर
6- 1- रिया शर्मा – वारासिवनी
2- पं.रविशंकर दास वैष्णव-खैरलांजी
[रामपायली क्षेत्र]
जो पुरातत्व ग्राम पंचायतों से प्रतिमाओं के प्रपत्र, फोटोग्राफ तैयार कर पंजीयन की कार्यवाही की जाएगी।
इसी तरह से सांसद,समस्त विधायकों, अध्यक्ष जिला पंचायत, अध्यक्ष जनपद पंचायतों, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद को संरक्षक तथा जिले के ग्राम पंचायतों जहाँ पुरातत्व अवशेष बिखरे पड़े हुए है, उन समस्त सरपंचों को सदस्य मनोनयन किया गया है।
इस प्रक्रिया से बालाघाट जिले में असुरक्षित पुरातात्विक महत्व के अवशेष यत्र-तत्र खंडित भग्नावशेष में है। उन्हें उन ही पुरातात्विक स्थलों को ग्राम पंचायत के माध्यम से संरक्षित किया जायेगा, जो ग्राम पंचायत संरक्षित नहीं कर सकती है, इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट में संग्रहित कर संरक्षित किया जायेगा। आवश्यक संवाद में डॉ.कविता गहरवार, राजेन्द्र कुमार ब्रम्हें, मुकेश यादव, देवानंद मेश्राम, दिनेश कुमार नेमा आदि उपस्थित थे।


