विगत दिनों जिला अस्पताल में पॉइजनिंग के मरीज को बाजार की पैक्ड पानी बोतल से किया गया था उपचार
मीडिया में खबर आने के बाद कलेक्टर ने मामले पर की सख्त कार्रवाई
डिंडौरी सी टाइम्स। जिला अस्पताल में मरीज के उपचार के दौरान सामान्य सलाइन के स्थान पर पैक्ड मिनरल वाटर की बोतल के उपयोग के मामले में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में उपचार प्रोटोकॉल और चिकित्सकीय मानकों के उल्लंघन के संकेत मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सिविल सर्जन-सह-अस्पताल अधीक्षक और संबंधित मेडिकल ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को भर्ती 18 वर्षीय मरीज के उपचार के दौरान सामान्य सलाइन उपलब्ध होने के बावजूद पैक्ड मिनरल वाटर की बोतल का उपयोग किया गया। प्रारंभिक जांच में इसे चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के विपरीत माना गया है। नोटिस में कहा गया है कि यह कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन प्रतीत होता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस। सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमेश मरावी को कारण बताओ नोटिस। मेडिकल ऑफिसर डॉ. भरत कुमार संत को कारण बताओ नोटिस। नर्सिंग ऑफिसर भावना चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से 3 अगस्त 2026 तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं निलंबित नर्सिंग ऑफिसर का मुख्यालय CMHO कार्यालय निर्धारित किया गया है।


