नई दिल्ली, 25 जुलाई केंद्र सरकार ने देश के जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) उद्योग को नई गति देने के लिए 69,725 करोड़ रुपए के व्यापक पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज का उद्देश्य घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाना, समुद्री क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण उपलब्ध कराना और कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
लोकसभा में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि इस पैकेज के तहत भारतीय शिपयार्ड की लागत को वैश्विक शिपयार्ड के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 24,736 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम को मंजूरी दी गई है।
पैकेज का एक प्रमुख हिस्सा 25,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड है, जिसके जरिए जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें 20,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड और 5,000 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड शामिल है।
सरकार ने 19,989 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम (एसबीडीएस) को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ग्रीनफील्ड क्लस्टर विकसित करने और मौजूदा इकाइयों के ब्राउनफील्ड विस्तार के माध्यम से देश की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाकर प्रतिवर्ष 45 लाख ग्रॉस टनेज करने का लक्ष्य रखा गया है।
पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ये लक्ष्य मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृतकाल विजन 2047 के अनुरूप भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से तय किए गए हैं।
सरकार ने जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत सुधार भी किए हैं। इनमें बड़े जहाजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देना और जहाजों की मांग को एकीकृत करने जैसी पहल शामिल हैं।
सरकार ने 19 सितंबर 2025 को 10,000 ग्रॉस टनेज (जीटी) या उससे अधिक क्षमता वाले भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया था। इसके अलावा, भारत में निर्मित 1,500 जीटी या उससे अधिक क्षमता वाले जहाजों को भी यह दर्जा प्रदान किया गया है।
मांग को एकीकृत करने की रणनीति के तहत 400 से अधिक जहाजों के अधिग्रहण की योजना तैयार की गई है, जिससे भारतीय शिपयार्ड को लंबे समय तक ऑर्डर मिलने की स्पष्टता मिलेगी।
सरकार ने शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में तीन ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित करने को भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
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