जबलपुर। पनागर विधानसभा क्षेत्र के ईश्वरदास रोहाणी वार्ड क्रमांक 79 स्थित पिपरिया मढ़ियाटोला में शासकीय एवं कोटवारी भूमि पर नगर निगम द्वारा कराए जा रहे पौधारोपण का स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों ने विरोध किया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तथा तीन दिनों के भीतर जांच कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि वार्ड क्रमांक 79 के खसरा नंबर 252/1 और 252/2 की शासकीय एवं कोटवारी भूमि पर नगर निगम एवं स्थानीय पार्षद द्वारा फेंसिंग कर पौधारोपण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि इस भूमि का उपयोग पिछले लगभग 100 वर्षों से श्मशान घाट और मवेशियों के निस्तार के लिए किया जाता रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे सटी खसरा नंबर 198/2 की भूमि स्कूल शिक्षा विभाग और एनसीसी ट्रेनिंग सेंटर के लिए आरक्षित है। उनका आरोप है कि बिना स्थानीय सहमति के स्थायी वृक्षारोपण किए जाने से भविष्य में स्कूल विस्तार, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण में बाधा आ सकती है।
आदिवासी कांग्रेस जबलपुर के नगर अध्यक्ष धीरेंद्र संजू ठाकुर ने कहा कि जिस स्थान पर फेंसिंग कर पौधारोपण किया जा रहा है, वह ग्रामीणों के आवागमन और सार्वजनिक उपयोग की भूमि है। उन्होंने मांग की कि पौधारोपण किसी अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि पर कराया जाए तथा इस स्थान पर भविष्य में स्कूल, छात्रावास, सामुदायिक भवन (बारात घर) जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जाए।
मौके पर पहुंचीं महिला तहसीलदार ने बताया कि ग्रामीणों की आपत्तियां दर्ज कर ली गई हैं। मामले की फाइल और अभिलेखों की जांच के लिए तीन दिन का समय लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोनों पक्षों से चर्चा कर नियमानुसार उचित समाधान निकाला जाएगा।


