जबलपुर। दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से वंदन पुनर्वास एवं अनुसंधान संस्थान में जाबाली खादी एवं ग्रामोद्योग प्रोत्साहन समिति द्वारा खादी सूत से राखी निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आकर्षक राखियां बनाना सीखा।
प्रशिक्षण का संचालन श्रीमती प्रमिला स्वामी सेनी ने किया। उन्होंने बच्चों को खादी सूत एवं प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल और आकर्षक राखियां बनाने की विधि सरल एवं व्यावहारिक तरीके से सिखाई। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों ने सीखने में विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम में जाबाली खादी एवं ग्रामोद्योग प्रोत्साहन समिति की अध्यक्ष श्रीमती सीमा बादल स्वामी, उपाध्यक्ष डॉ. कामना ‘कौस्तुभ’, समिति की सदस्य संध्या बोरकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं वंदन पुनर्वास एवं अनुसंधान संस्थान की सचिव श्रीमती नीता रजक ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर जाबाली खादी एवं ग्रामोद्योग प्रोत्साहन समिति ने भविष्य में भी संस्थान के सहयोग से कौशल विकास और स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके।


