कोयंबटूर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को अमृता विश्व विद्यापीठम के कोयंबटूर परिसर के 30वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यहां उन्होंने स्नातक छात्रों, संकाय सदस्यों और विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की नींव के रूप में पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची के महत्व पर जोर दिया और सभी को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को पारदर्शी और सटीक मतदाता सूचियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की नींव हैं।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता काफी हद तक मतदाता सूचियों की सटीकता और विश्वसनीयता पर निर्भर करती है। स्नातक छात्रों, संकाय सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।उन्होंने युवाओं, विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले और भावी मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने चुनावी अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करने के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित किया।कुमार ने कहा कि पारदर्शी मतदाता सूचियां यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक को चुनावों में भाग लेने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सटीक मतदाता रिकॉर्ड बनाए रखना चुनावों की विश्वसनीयता की रक्षा करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सीईसी ने इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में युवा स्नातकों की व्यापक भूमिका पर भी जोर दिया।


