जबलपुर। श्रावण मास में सावन सोमवार के अवसर पर ग्वारीघाट स्थित मां नर्मदा तट से निकलने वाली संस्कार कांवड़ यात्रा के सफल एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, साफ-सफाई, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय तथा नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार उपस्थित रहे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर नीता राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोन-2) पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अखिलेश तिवारी, एसडीएम, नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक तथा संस्कार कांवड़ यात्रा समिति के शिव यादव, भारत सिंह यादव, द्वारका मिश्रा, पंकज पांडे, नीलेश रावत और राजेश यादव सहित लगभग 200 आयोजक मौजूद रहे।
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा और गुप्तेश्वर मंदिर समिति के बीच वर्षों से बेहतर तालमेल रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर संयुक्त रूप से संपूर्ण यात्रा मार्ग का निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क, यातायात, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
महापौर ने मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केंद्र, चिकित्सकों की टीम, आवश्यक दवाइयों तथा महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पार्किंग, अस्थायी वाहन स्टैंड, स्वागत मंच, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न होगी।
संस्कार कांवड़ यात्रा के संयोजक शिव यादव ने बैठक में बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुकी है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। उन्होंने यात्रा को और अधिक भव्य बनाने के लिए कैलाशधाम मार्ग की जर्जर सड़कों की शीघ्र मरम्मत, मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन, प्रवेश एवं निकास की अलग व्यवस्था, पार्किंग, अस्थायी वाहन स्टैंड, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग रखी।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पहले सावन सोमवार से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर पहुंचने लगती है, इसलिए सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक तैयारियां पूरी करें। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा को विश्व रिकॉर्ड में स्थान प्राप्त है, इसलिए इसकी गरिमा के अनुरूप प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और आयोजन समिति के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। केवल विधिवत अनुमति प्राप्त साउंड सिस्टम का ही उपयोग किया जा सकेगा। प्रत्येक वाहन पर अधिकतम दो साउंड बॉक्स लगाए जा सकेंगे तथा 12 इंच से बड़े स्पीकर और चोंगों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि प्रदूषण नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। साथ ही निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक घोषणा या ऐसे गीतों का प्रसारण नहीं किया जाएगा, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों।


