जबलपुर। शहर में अवैध हथियारों के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए जबलपुर पुलिस ने लार्डगंज थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे, तीन जिंदा कारतूस और 3,020 रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं, जिसके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी दीपक जाटव जीरो डिग्री क्षेत्र में पिस्टल लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर 36 वर्षीय दीपक जाटव, निवासी सुखसागर, ग्वारीघाट को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल बरामद हुई, जिसकी मैगजीन में एक जिंदा कारतूस लोड मिला।
कड़ी पूछताछ में दीपक जाटव ने बताया कि वह अपने साथियों आकाश पटेल और आनंद चौधरी के साथ मिलकर अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करता था। उसने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले उसने छोटू चौबे नामक व्यक्ति से दो पिस्टल, चार देसी कट्टे और कारतूस खरीदे थे। इनमें से कुछ हथियार वह पहले ही बेच चुका है, जबकि शेष हथियार उसके साथियों के पास रखे हुए थे।
दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 31 वर्षीय आकाश पटेल, निवासी दत्त मंदिर के पास, लार्डगंज और 29 वर्षीय आनंद चौधरी, निवासी चौधरी मोहल्ला, हनुमानताल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से एक-एक देसी कट्टा, एक-एक जिंदा कारतूस तथा नकद राशि बरामद की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पहले से अपराधी प्रवृत्ति के हैं। मुख्य आरोपी दीपक जाटव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास सहित एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह भोपाल के एक हत्या के मामले में जमानत पर था, जबकि ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहा था। वहीं आकाश पटेल के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आनंद चौधरी पर आबकारी अधिनियम के पांच प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों से बरामद हथियारों के स्रोत, इनके खरीदारों और पूरे अवैध हथियार नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। साथ ही फरार बताए गए छोटू चौबे की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक मनोज पुरी गोस्वामी, सहायक उप निरीक्षक राजेश वर्मा, प्रधान आरक्षक हेमराज तथा आरक्षक शुभम पटेल, हुलेश, पंकज और ऋषभ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।


