दतिया उपचुनाव की समीक्षा बैठक में सामने आए तथ्यों के बाद उठे सवाल
जबलपुर। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की पराजय के बाद संगठन के भीतर मंथन का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में चुनाव अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने हार के कारणों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान पूर्व गृह मंत्री और दतिया के पूर्व विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा की कार्यशैली को लेकर भी कई सवाल उठे।
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद गोटिया, जिन्हें दतिया उपचुनाव में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ने एक रोचक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा चुनाव कार्यालय पहुंचते थे तो कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाते हुए कहते थे, “लगता है खूब मेहनत कर रहे हो।” गोटिया के अनुसार, उनकी यह टिप्पणी कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री एवं नरसिंहपुर विधायक राव उदय प्रताप सिंह ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि दतिया नगर मंडल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पहुंचने पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने समर्थकों के साथ वहां से चले गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि दतिया नगर निगम के 36 में से 30 भाजपा पार्षद चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हुए।
समीक्षा बैठक में नेताओं ने संगठनात्मक समन्वय की कमी, कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता तथा चुनावी रणनीति की कमजोरियों पर विस्तार से चर्चा की। भविष्य में बेहतर तालमेल और अधिक प्रभावी रणनीति के साथ चुनाव लड़ने पर भी जोर दिया गया।
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक में सामने आई टिप्पणियों और आरोपों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि, डॉ. नरोत्तम मिश्रा के विरुद्ध पार्टी स्तर पर किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यदि भविष्य में संगठन इन आरोपों के संबंध में कोई औपचारिक जांच या कार्रवाई करता है, तो समीक्षा बैठक में नेताओं द्वारा दर्ज कराए गए कथनों और प्रस्तुत तथ्यों पर भी विचार किया जा सकता है।


