जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलसचिव डॉ. रवि शंकर सोनवाल को हटाए जाने की चर्चाओं के बीच उच्च शिक्षा विभाग के फैसले ने विश्वविद्यालय की अंदरूनी राजनीति और प्रशासनिक समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कुलसचिव के स्थानांतरण की अटकलें तेज थीं, विभाग ने उन्हें पदोन्नति देते हुए आरडीयू में ही जिम्मेदारी सौंप दी।
17 अगस्त को जारी आदेश के बाद विश्वविद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा विभाग और संगठन स्तर तक इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय में भी इसे लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चाओं के अनुसार कुलगुरु कार्यालय के करीबी माने जाने वाले कुछ कर्मचारियों की ओर से कुलसचिव को हटाए जाने के दावे किए जा रहे थे। हालांकि पदोन्नति के बाद भी डॉ. सोनवाल को आरडीयू में ही बनाए रखने के निर्णय ने इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
तबादले के बजाय मिला प्रमोशन
डॉ. रवि शंकर सोनवाल का जुलाई में लिखा एक पत्र भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें उन्होंने आरडीयू से स्थानांतरण की इच्छा जताई थी। बताया जा रहा है कि यह पत्र कुलगुरु कार्यालय की अनुशंसा के साथ उच्च शिक्षा विभाग को भेजा गया था।
वहीं विश्वविद्यालय में 13 कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े आदेश के बाद कुलगुरु और कुलसचिव के बीच संबंधों में खटास की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। इसी वजह से उनके स्थानांतरण की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन 17 अगस्त को उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ. सोनवाल को पदोन्नति देने का आदेश जारी कर दिया और पदोन्नति के बाद भी उन्हें आरडीयू में ही जिम्मेदारी दी गई।
अब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि यदि कुलसचिव के स्तर पर बदलाव नहीं किया गया है, तो उच्च शिक्षा विभाग की नजर आखिर किस दिशा में है। हालांकि इन चर्चाओं और कयासों पर फिलहाल विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


