जबलपुर। जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत गांधीग्राम के सफाई साथी धर्मेंद्र ने स्वच्छता को रोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। कभी रोजगार और आजीविका की चुनौती से जूझ रहे धर्मेंद्र आज शौचालय सफाई सेवा के माध्यम से करीब 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं।
जबलपुर जिले में 13 अगस्त 2025 को शुरू की गई “स्वच्छता संस्कार-सफाई साथी” पहल आगे चलकर “वाश ऑन व्हील-सफाई साथी” के रूप में प्रदेशभर में पहचान बना रही है। इस पहल ने स्वच्छता को सेवा के साथ सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया है।
धर्मेंद्र को ऑनलाइन माध्यम से शौचालय सफाई की मांग प्राप्त होती है। मांग मिलते ही वे आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचकर सुरक्षित एवं प्रोफेशनल तरीके से सफाई सेवा प्रदान करते हैं। पिछले एक वर्ष में उन्होंने इस सेवा से 3 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। अगस्त माह में 20 तारीख तक ही उनकी आय 18 हजार रुपये पहुंच चुकी थी।
शौचालय सफाई से अर्जित आय का उपयोग कर धर्मेंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत अपने आवास को भी बेहतर और भव्य रूप दिया है।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत सिहोरा में आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में धर्मेंद्र ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विधायक संतोष वरकड़े, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
धर्मेंद्र ने बताया कि आधुनिक उपकरणों, सुरक्षा साधनों और ऑनलाइन सेवा व्यवस्था ने स्वच्छता कार्य को सम्मानजनक रोजगार में बदल दिया है। उनकी कहानी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उस उद्देश्य को साकार करती है, जिसमें स्वच्छता के साथ सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
धर्मेंद्र की सफलता का संदेश स्पष्ट है—स्वच्छता केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सही सोच, अवसर और मेहनत के साथ समृद्धि का रास्ता भी बन सकती है।


