बालाघाट। बालाघाट–लालबर्रा सहित पूरे जिले के लिए एक ऐतिहासिक सौगात के रूप में सिवनी–बालाघाट के मध्य प्रस्तावित फोरलेन मार्ग को मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की भोपाल में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई है। लगभग ₹3458.93 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 91.64 किलोमीटर लंबा मार्ग क्षेत्र के विकास, व्यापार, पर्यटन और आवागमन की दृष्टि से मील का पत्थर माना जा रहा है।
बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री डॉक्टर मोहन यादव जी, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह जी, MPRDC प्रबंधक श्री भरत यादव जी से मुलाकात कर इस परियोजना को मुखरता से उठाया था जिसकी परिणिति यह है कि कैबिनेट से आज मंजूरी मिल गई है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित की जाएगी तथा इसमें 15.69 किलोमीटर लंबे सिवनी बायपास का निर्माण भी शामिल है। परियोजना का क्रियान्वयन लोक निर्माण विभाग एवं मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के माध्यम से किया जाएगा।
इस फोरलेन मार्ग के निर्माण से सिवनी और बालाघाट के बीच यात्रा समय लगभग आधा हो जाएगा। वर्तमान में घुमावदार एवं संकरी सड़क के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों को लंबा समय लगता है, वहीं नई फोरलेन सड़क बनने से सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन संभव होगा। इससे कृषि उत्पाद, वन उपज तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
बालाघाट–लालबर्रा के नागरिकों ने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा MPRDC के प्रबंध संचालक भरत यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से इस मार्ग के उन्नयन की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकृति देकर विकास का नया अध्याय प्रारंभ किया है।
जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने भी इसे बालाघाट जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि फोरलेन मार्ग बनने से निवेश, रोजगार और पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेष रूप से कान्हा टाइगर रिजर्व,पेंच रिजर्व तथा आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
क्षेत्रवासियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ होकर निर्धारित समय सीमा में पूर्ण होगा, जिससे बालाघाट–लालबर्रा सहित पूरे महाकौशल क्षेत्र को आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क अधोसंरचना का लाभ प्राप्त होगा। यह स्वीकृति न केवल एक सड़क परियोजना है, बल्कि जिले के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी मानी जा रही है।


