जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के जन-परिवहन तंत्र को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शहर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का सफल ट्रायल रन हुआ। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने इलेक्ट्रिक बस में सफर कर व्यवस्थाओं और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।
ट्रायल के दौरान सिविल लाइन से गोरखपुर मार्ग तक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस संचालित की गई। महापौर ने बताया कि पीएम ई-बस योजना के तहत पहले चरण में 10 बसों का ट्रायल किया गया। इनमें ई-1 रूट पर मदर टेरेसा नगर से रांझी-घाना वाया घमापुर और ई-9 रूट पर आईएसबीटी से भेड़ाघाट वाया अंधमूक बायपास तक पांच-पांच बसें संचालित की गईं। अगले दिन से दोनों रूटों पर 20 बसों के संचालन की तैयारी है। शहर में कुल 100 ई-बसें संचालित किए जाने की योजना है, जिनमें 40 बसें जबलपुर पहुंच चुकी हैं।
ई-बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्वचालित पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम, रूट डिस्प्ले, व्हीलचेयर लिफ्ट, सीसीटीवी सर्विलांस, एयर सस्पेंशन, फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। बस में 25 सीटें और दो ऑटोमैटिक दरवाजे हैं। कॉम्पैक्ट आकार के कारण इन्हें शहर के संकरे मार्गों और व्यस्त यातायात में संचालित करना भी आसान होगा।
ट्रायल के अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, एमआईसी सदस्यों सहित कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने ई-बस की यात्रा कर नई परिवहन व्यवस्था का अनुभव लिया।


