*राजा शंकरशाह जमीदारों तथा आम जनता में थे लोकप्रिय-विवेक पटेल**वारासिवनी*-मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले जनजातीय महानायक राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस ग्राम सिकंदरा आदिवासी भवन में मनाया गया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर क्षेत्रीय विधायक विवेक विक्की पटेल पहुंचे।जहां समाज के पदाधिकारियों ने उनका पुष्प मालाओं से स्वागत किया।जिसके पश्चात विधायक विवेक पटेल ने राजा शंकरशाह और कुंवर शाह की छायाचित्र पर माल्यार्पण के उन्हें याद किया।इस दौरान विधायक विवेक विक्की पटेल ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के दौरान गोंडवाना क्षेत्र के राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के ख़िलाफ़ अलख जगाई।अंग्रेजों ने 18 सितंबर 1857 को दोनों पिता-पुत्र को तोप के मुंह में बांधकर शहीद कर दिया गया था।प्रत्येक वर्ष इसी दिन बलिदान दिवस मनाया जाता है। इन दोनों वीरो ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।दोनों पिता-पुत्र ने स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिदिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ कविताओं और गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।जन्म को सार्थक करने वाली शहादत मौत नहीं होती,अमर कर देती है।लोग उस समय भी फूट डालते थे।जिसके कारण हमें अंग्रेजों का गुलाम बनना पड़ा था। राजा शंकरशाह जमीदारों तथा आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे।इस दौरान राजेश मड़ावी,शंकर इनवाती,मानसिंह परते,अनुरसिंह उइके,गणेश कुंभरे, ओमकार मड़ावी,फत्तूलाल उइके,शिवपाल मड़ावी,तारसिंह मर्सकोले,संजय उइके,अरविंद उइके,कमलसिंह धुर्वे सहित समाजिकगण मौजूद रहे।


