25.5 C
Jabalpur
September 20, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

‘हामिद अंसारी की मंशा को समझते हैं मुसलमान, रची जा रही कोई साजिश’, पूर्व उपराष्ट्रपति को इमाम इलियासी का जवाब

नई दिल्ली, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ टिप्पणी पर ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हामिद अंसारी मुसलमानों के नाम की सियासत करना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने अंसारी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि देश का माहौल खराब करने की एक बड़ी साजिश रची जा रही है।इमाम उमर अहमद इलियासी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं मुसलमानों के बारे में हामिद अंसारी के बयान की कड़ी निंदा करता हूं। हामिद अंसारी अब मुसलमानों के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं, लेकिन जब वे बड़े-बड़े पदों पर बैठे थे, तब उन्हें मुसलमान याद नहीं आए। आज उन्हें मुसलमान याद आ रहे हैं।”उन्होंने कहा, “आज जब मुसलमान उनके बारे में नहीं पूछ रहे हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें मुसलमानों के नाम पर राजनीति करनी चाहिए। लेकिन मुसलमान समझदार हैं। वे इस तरह के बयानों और उनकी मंशा को समझते हैं।”
हामिद अंसारी की टिप्पणी पर अहमद इलियासी ने कहा, “मुझे यह देश का माहौल खराब करने की कोई साजिश नजर आती है। कोई भी मुसलमान उनके बयान से सहमत नहीं है। आज वो जिस तरह की भाषा बोल रहे हैं, उन्हें अपना नजरिया बदलना चाहिए। उनका नजरिया बदलेगा तो नजारा बदल जाएगा।”उधर, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने भी पलटवार किया है।ख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “अगर भारत में हिंदू बहुसंख्यक न होते, तो भारत न सेकुलर होता और न ही पंथनिरपेक्ष होता। भारत सेकुलर और पंथनिरपेक्ष देश इसलिए है, क्योंकि यहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, जिनकी मान्यताएं और संस्कृति सहनशीलता और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयः’ की है।”उन्होंने कहा, “जब बंटवारा हुआ, तो दो देश बने। एक भारत, जहां हिंदू बहुसंख्यक थे और दूसरा पाकिस्तान, जहां मुसलमान बहुसंख्यक थे।

हिंदू बहुसंख्यक देश ने सेकुलरिज्म और पंथनिरपेक्ष का रास्ता चुना, जबकि मुस्लिम बहुसंख्यक देश ने इस्लामिक राष्ट्र का झंडा बुलंद किया। दोनों में बुनियादी फर्क है।”हामिद अंसारी की टिप्पणी पर कहा, “ऐसी बातें कहने वालों को यह भी समझना चाहिए कि अगर भारत हिंदू बहुसंख्यक देश न होता, यानी हिंदू आबादी वाला देश न होता, तो यह सेकुलर और पंथनिरपेक्ष देश नहीं बन पाता, तो मुस्लिम समुदाय का कोई व्यक्ति राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति नहीं बन पाता। उन्हें यह बात भी समझनी चाहिए।”

अन्य ख़बरें

करोड़ों की गाड़ी में बैठने पर मैथिली ठाकुर हुईं ट्रोल तो कंगना ने दिया करारा जवाब, कहा-हम अच्छी जिंदगी क्यों नहीं जी सकते

Newsdesk

जम्मू-कश्मीर : स्कूलों के लिए पांच दिवसीय सप्ताह के समर्थन में मीरवाइज उमर फारूक

Newsdesk

असम में भारत की बैटरी बनने की क्षमता, अदाणी ग्रुप राज्य में सर्जित करेगा 40,000 नौकरियां: जीत अदाणी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading