September 22, 2026
सी टाइम्स
क्राइमप्रादेशिक

सागर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा: दिल्ली से कच्चा माल मंगाकर तातारवाड़ा में तैयार होती थी नकली शराब, 11 हजार से अधिक खाली बोतलें जब्त

पुलिस का दावा अंतरराज्यीय गिरोह गांवों तक पहुंचाता था अवैध शराब; बॉटलिंग और सीलिंग मशीनें बरामद, नेटवर्क एवं आरोपियों की भूमिका की जांच जारी

सागर। जिले में कथित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की जांच में एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चलने का पुलिस ने दावा किया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक गिरोह दिल्ली से कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री मंगाकर सागर के तातारवाड़ा क्षेत्र में नकली शराब तैयार करता था। इसके बाद बोतलों पर सील और लेबल लगाकर आसपास के गांवों में इसकी आपूर्ति की जाती थी।

पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में शराब भरने और बोतलों को सील करने वाली मशीनों के साथ 11,050 खाली बोतलें तथा बड़ी मात्रा में अन्य सामग्री जब्त करने का दावा किया गया है। बरामद उपकरणों और बोतलों की संख्या से आशंका जताई जा रही है कि यह गतिविधि छोटे स्तर तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे संगठित उत्पादन और वितरण तंत्र सक्रिय हो सकता है।

दिल्ली से मंगाया जाता था कच्चा माल

पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कथित कच्चा माल दिल्ली से मंगाते थे। इस सामग्री को तातारवाड़ा स्थित ठिकाने पर पहुंचाकर शराब तैयार की जाती थी। यहां मशीनों की मदद से शराब को बोतलों में भरने, ढक्कन लगाने और सील करने की व्यवस्था मौजूद थी।

अब पुलिस यह पता लगा रही है कि कच्चा माल दिल्ली में किन व्यक्तियों अथवा प्रतिष्ठानों से खरीदा गया, उसका परिवहन किस माध्यम से हुआ और स्थानीय स्तर पर शराब तैयार करने में कौन-कौन शामिल था। इससे संबंधित वित्तीय लेनदेन, मोबाइल संपर्क, परिवहन के साधन और आपूर्ति शृंखला की जांच भी की जा रही है।

गांवों तक फैला था कथित सप्लाई नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में नकली शराब को सागर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब उन स्थानों की पहचान करने में जुटी है, जहां इस कथित इकाई से तैयार शराब की आपूर्ति की गई थी।

आशंका है कि शराब को असली उत्पाद जैसा दिखाने के लिए खाली बोतलों, ढक्कनों, सील और पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था। जब्त सामग्री को फोरेंसिक और रासायनिक परीक्षण के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि बरामद पदार्थों में कौन से रसायन मौजूद थे और वे मानव स्वास्थ्य के लिए कितने घातक हो सकते थे।

कम से कम 20 लोगों की हुई थी मौत

इस महीने सामने आए कथित जहरीली शराब कांड में कम से कम 20 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। कई लोगों की तबीयत खराब होने के बाद मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के निर्माण एवं वितरण से जुड़े संभावित ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की।

मौतों और जब्त शराब के बीच संबंध की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम, विसरा एवं फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रभावित लोगों तक शराब किस माध्यम से पहुंची और इसके वितरण में स्थानीय स्तर पर किन लोगों की भूमिका रही।

उत्पादन से बिक्री तक पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस

जांच अब केवल शराब बनाने वाले स्थान तक सीमित नहीं है। पुलिस कच्चा माल उपलब्ध कराने वालों, परिवहन करने वालों, तातारवाड़ा में शराब तैयार करने वाले लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी बिक्री एवं सप्लाई से जुड़े कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका, नेटवर्क के विस्तार और कारोबार से जुड़ी रकम का पता लगाने के लिए दस्तावेजों, बैंक खातों तथा डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल पुलिस के दावे जांच के अधीन हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट, अन्य साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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