जबलपुर। दुर्गोत्सव पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने ध्वनि विस्तारक यंत्र, साउंड एवं लाइट संचालकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। शुक्रवार 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में हुई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 अंजना तिवारी, एडीएम रविशंकर राय, शैलेन्द्र सिंह सहित नगर पुलिस अधीक्षक, प्रशासन एवं एमपीईबी के अधिकारी तथा करीब 250 साउंड, DJ और लाइट संचालक मौजूद रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्गोत्सव के दौरान DJ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा और अनुमति में निर्धारित शर्तों के अनुसार ही उसका संचालन किया जा सकेगा। झांकियों, स्वागत मंचों और चल समारोह के दौरान दो से अधिक स्पीकर बॉक्स का उपयोग नहीं किया जाएगा। इस्तेमाल किए जाने वाले स्पीकर बॉक्स का व्यास 12 इंच से अधिक नहीं होना चाहिए तथा उनकी आवाज 50 डेसिबल से अधिक नहीं रखी जाएगी।
पुलिस-प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन करने के साथ चोंगों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगाई है। ऐसे गीत या सामग्री बजाने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
बैठक में विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। आयोजनों में इस्तेमाल होने वाले विद्युत तार और जनरेटर पूरी तरह सुरक्षित रखने, कटे-फटे तारों का उपयोग नहीं करने तथा अवैध कटिया कनेक्शन से बिजली नहीं लेने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शॉर्ट सर्किट, करंट फैलने अथवा विद्युत सुरक्षा में लापरवाही से होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए संबंधित ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालक भी जिम्मेदार होंगे।
पुलिस-प्रशासन ने सभी संचालकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मौजूद संचालकों से निर्देशों का पालन करने संबंधी वचनपत्र भी लिया गया।


