जबलपुर। कृषि में नई और वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा मिलने से किसानों का रुझान अब पारंपरिक खेती के साथ जैविक खेती की ओर भी बढ़ रहा है। इसका उदाहरण पाटन विकासखंड के दौनी ग्राम के कृषक अभेन्द्र चंदेल हैं, जो जैविक गन्ने से अलग-अलग वैरायटी का गुड़ तैयार कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।
कृषि विभाग से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने के बाद अभेन्द्र ने पिछले वर्ष जैविक गन्ने की खेती शुरू की। वर्तमान में वे करीब 5 एकड़ में जैविक गन्ना उगा रहे हैं। रासायनिक खाद के बजाय वे स्वयं तैयार जैविक खाद का उपयोग करते हैं। गन्ने से वे सामान्य जैविक गुड़ के अलावा ड्राईफ्रूट गुड़ तथा अजवाइन-अदरक मिश्रित गुड़ तैयार कर रहे हैं।
जैविक हाट से मिला बाजार
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में कृषि उपज मंडी जबलपुर में प्रत्येक रविवार लगने वाले जैविक हाट में अभेन्द्र को अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिला। यहां ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद वे फिलहाल जबलपुर शहर में ही गुड़ की आपूर्ति कर रहे हैं।
अभेन्द्र के अनुसार जैविक गुड़ करीब 120 रुपए किलो, अजवाइन-अदरक गुड़ 200 रुपए किलो और ड्राईफ्रूट गुड़ 300 रुपए किलो तक बिक रहा है। पिछले वर्ष से अब तक वे करीब 50 क्विंटल गुड़ बेच चुके हैं।
ग्राहकों की मांग के अनुसार वे 100 ग्राम से एक किलो तक की अलग-अलग पैकिंग में गुड़ तैयार कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार उत्पाद खरीदने में सुविधा मिल रही है।


