देवास में सेवा समाप्ति और जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन के विरोध में आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर। स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 को लेकर मध्यप्रदेश में पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। देवास जिले में चार पटवारियों की सेवा समाप्ति तथा जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है।
जिला कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे ने कहा कि पटवारी किसी शासकीय कार्य का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका विरोध स्वामित्व योजना के अधिकार अभिलेख और रजिस्ट्री में पटवारियों के व्यक्तिगत आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ओटीपी, नाम और फोटो जैसी जानकारियां सार्वजनिक होने को लेकर है। संघ का कहना है कि दस्तावेजों में पटवारी की व्यक्तिगत पहचान के बजाय केवल पदनाम दर्ज किया जाना चाहिए।
संघ के अनुसार इस समस्या के विरोध में पटवारियों ने करीब 20 दिन पहले स्वामित्व योजना से जुड़े कार्य का बहिष्कार किया था। इसके बावजूद समाधान के बजाय दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
प्रांतीय निर्णय के तहत 8 अक्टूबर से प्रदेशभर के पटवारी ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत हो गए हैं और शासकीय व्हाट्सएप एवं अन्य संचार समूहों से बाहर हो गए हैं।
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष जागेन्द्र पीपरी, प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र बघेल और जिला कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे के नेतृत्व में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने देवास में की गई सेवा समाप्ति तथा जबलपुर सहित अन्य जिलों में निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई जारी रहने पर प्रदेशभर के पटवारी टोटल शटडाउन और अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर जा सकते हैं।


