घट स्थापना के साथ घरों और पंडालों में बोए गए जवारे, गढ़ाफाटक में 14 फुट की बड़ी महाकाली की स्थापना, पूजन सामग्री की खरीदारी में तेजी
जबलपुर। शक्ति की आराधना का महापर्व शारदेय नवरात्र शुरू होते ही संस्कारधानी में भक्ति और उल्लास का माहौल छा गया है। नवरात्र के पहले दिन शनिवार को देवी मंदिरों, घरों और दुर्गा पंडालों में विधि-विधान से घट स्थापना कर जवारे बोए गए। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, वहीं घरों और पूजा पंडालों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ व्रत-उपवास का क्रम भी प्रारंभ हो गया है। इस बार नवरात्र के दस दिवसीय पर्व का समापन 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ होगा।
शैलपुत्री की आराधना से नवरात्र का शुभारंभ
नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ देवी की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में कन्या पूजन, व्रत और देवी उपासना का विशेष महत्व है। शहर के बड़ी खेरमाई मंदिर भानतलैया, बूढ़ी खेरमाई, चारखंभा, काली मंदिर सदर, शारदा मंदिर मदनमहल, छोटी खेरमाई दीक्षितपुरा, दुर्गा मंदिर गलगला, हरदौल मंदिर गंजीपुरा और सिविक सेंटर स्थित मां बगलामुखी सिद्धपीठ सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
गढ़ाफाटक में स्थापित हुई 14 फुट की बड़ी महाकाली
गढ़ाफाटक की प्रसिद्ध बड़ी माता महाकाली की विशाल प्रतिमा नवरात्र की बैठकी पर स्थापित की गई। लगभग 14 फुट ऊंची प्रतिमा के दर्शन के लिए जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे भव्य आयोजन के साथ प्रतिमा के प्रथम दर्शन कराए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
बगलामुखी मंदिर में अखंड ज्योति कलश की स्थापना
शारदेय नवरात्र के अवसर पर सिविक सेंटर स्थित मां बगलामुखी सिद्धपीठ, शंकराचार्य मठ में विशेष धार्मिक आयोजन शुरू हुए। यहां भक्तों द्वारा अखंड ज्योति कलश स्थापित किए गए। नौ दिनों तक प्रातःकाल से रात्रि तक भगवती की आराधना, श्रृंगार, अर्चन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। मंदिर परिसर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
बाजारों में बढ़ी रौनक, मिट्टी के कलश और दीयों की मांग
नवरात्र के आगमन के साथ शहर के बाजारों में भी उत्साह दिखाई दिया। शनिवार को पूजा सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। मिट्टी के दीये, कलश, हवन पात्र, मां दुर्गा की प्रतिमाएं, चुनरी, पोशाक, नारियल, धूप-बत्ती और सजावटी सामग्री की खरीदारी की गई। घरों और पूजा पंडालों में घट स्थापना की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदते नजर आए।
दुकानदारों के अनुसार, इस बार पारंपरिक मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग दिखाई दे रही है। नवरात्र के बाद दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों को देखते हुए कारोबारियों को बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। त्योहारों की शुरुआत ने लंबे समय से सुस्त पड़े बाजारों में भी नई रौनक भर दी है।


