मुंबई, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने इस साल शहर में 700 से अधिक दुर्गा पूजा और नवरात्रि पंडालों को सफलतापूर्वक अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। कंपनी ने कहा, “मुंबई के लोग नवरात्रि और दुर्गा पूजा के त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मना रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हमने विभिन्न पंडालों में लगभग 850 फ्लड लाइटें भी लगाई हैं।” श्रद्धालुओं ने अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की बिजली आपूर्ति से रोशन सांताक्रूज पश्चिम के खोटवाड़ी स्थित धर्मवीर संभाजी मैदान और जुहू के एसएनडीटी यूनिवर्सिटी मैदान में स्थित नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में गरबा समारोहों का आनंद लिया। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने कहा कि वह इन शुभ उत्सवों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के महत्व को समझती है।
इस महीने की शुरुआत में, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने मुंबई में नवरात्रि और दुर्गा पूजा समारोहों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की घोषणा की थी। कंपनी ने पूर्ण आवेदन प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर पंडाल आयोजकों को अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। साथ ही, आयोजकों से अधिकृत बिजली कनेक्शन का उपयोग करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने का आग्रह किया था। बिजली वितरण कंपनी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य त्योहारों के दौरान सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस दौरान शहर भर में सैकड़ों पंडाल स्थापित किए जाते हैं। कंपनी ने सभी नवरात्रि और दुर्गा पूजा आयोजकों से अधिकृत बिजली कनेक्शन लेने और बिजली के अनधिकृत उपयोग से बचने का आग्रह किया।
कंपनी ने कहा कि त्योहारों के लिए उसकी तैयारियां हाल ही में आयोजित गणेशोत्सव के दौरान की गई व्यवस्थाओं पर आधारित हैं। उस समय कंपनी ने गणपति पंडालों को लगभग 1,100 अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए थे। पिछले साल, बिजली वितरण कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क क्षेत्र में 653 से अधिक नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की थी। कंपनी ने उत्सवों के दौरान बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने क्विक रिस्पॉन्स टीम भी तैनात की हैं। कंपनी ने कहा कि ये टीम किसी भी तकनीकी खराबी पर कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तैयार रहेंगी। बिजली वितरण कंपनी ने पंडाल आयोजकों के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इसमें आयोजकों से वायरिंग और बिजली संबंधी इंस्टॉलेशन के लिए केवल लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रिकल ठेकेदारों को नियुक्त करने और स्वीकृत विद्युत सामग्री और उपकरणों का उपयोग करने का आग्रह किया गया है।


