सिलावट समाज ने लगाया जुलूस रोकने का आरोप, 5 घंटे सड़क पर खड़ी रही झांकी; पुलिस ने संकरी गली को बताया वजहजबलपुर। जिले के ग्राम कुंडा कला में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर बुधवार देर रात विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। गांव में पहली बार सिलावट समाज द्वारा स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान जुलूस रोके जाने का आरोप लगाया गया। इसके चलते झांकी करीब चार से पांच घंटे तक सड़क पर खड़ी रही। मामला बढ़ने पर बेलखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास किए गए और अंततः पुलिस की मौजूदगी में दोनों प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया।
पहली बार सिलावट समाज ने स्थापित की थी प्रतिमा
जानकारी के अनुसार, ग्राम कुंडा कला में हर साल राजपूत समाज द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस वर्ष सिलावट समाज ने भी पहली बार माता की प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार रात करीब तीन बजे सिलावट समाज के लोग झांकी के साथ प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राजपूत समाज के कुछ लोगों द्वारा जुलूस रोकने का आरोप सामने आया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पांच घंटे तक सड़क पर खड़ी रही झांकी
स्थानीय निवासी रमेश चौधरी के मुताबिक, जुलूस आगे नहीं बढ़ पाने के कारण माता की प्रतिमा करीब चार से पांच घंटे तक सड़क पर खड़ी रही। इसके बाद वे अन्य लोगों के साथ बेलखेड़ा थाने पहुंचे और घटना की शिकायत की। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी अभय प्रताप सिंह भी थाने पहुंचे। उन्होंने घटना पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की।
राजपूत समाज ने आरोपों से किया इनकार
राजपूत समाज के राजकुमार सिंह राजपूत ने विसर्जन रोकने के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि दोनों समाजों के जुलूस एक साथ निकलने पर विवाद की आशंका थी। उन्होंने बताया कि जब राजपूत समाज के लोग अपनी प्रतिमा को पंडाल से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रख रहे थे, उसी समय सिलावट समाज का जुलूस सामने आ गया। ऐसी स्थिति में उन्होंने अपना जुलूस स्थगित कर दिया।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ विसर्जन
एसडीओपी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि गांव की गली संकरी होने के कारण एक साथ दो प्रतिमाओं के जुलूस निकालने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने किसी को विसर्जन से रोके जाने और गांव में विवाद होने की बात से इनकार किया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों प्रतिमाओं का शांतिपूर्वक विसर्जन कराया गया।
वहीं, स्थानीय विधायक नीरज सिंह ने भी बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली थी और पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमाओं का विसर्जन करा दिया गया। घटना के बाद गांव में दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न स्थिति को लेकर चर्चा बनी रही।


