19.3 C
Jabalpur
October 27, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

माफी मांगने का सवाल ही नहीं, बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया : सपा नेता सोनम बगवाड़ी



हरिद्वार, 25 अक्टूबर (समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के घुसपैठियों से जुड़े बयान पर जारी विवाद के बीच पार्टी ने सफाई दी। पार्टी की उत्तराखंड प्रभारी सोनम बगवाड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान सिर्फ नौ सेकंड की क्लिप है, जिसे भाजपा ने काटकर चलाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

समाजवादी पार्टी की उत्तराखंड प्रभारी सोनम बगवाड़ी ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जो घुसपैठिया वाला बयान दिया, वह सिर्फ नौ सेकंड की एक क्लिप है, जिसको भारतीय जनता पार्टी ने काटकर चलाना शुरू कर दिया। यह जो बयान है, यह बात हो रही थी प्रवासी मजदूरों की, जो बाहर से यूपी में मजदूरी करने के लिए आते हैं। उनके बारे में बात हो रही थी और वे बड़ी संख्या में आते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष कहना चाह रहे थे कि इनको भी घुसपैठिया कहकर संबोधित किया जाता है। बार-बार भाजपा या मुख्यमंत्री घुसपैठिए जैसे शब्द कहते हैं। इन्हें घुसपैठिया कहकर संबोधित करते हैं।”

उन्होंने कहा कि उसी संदर्भ में यह बात कही गई थी कि यदि इस तर्क से देखा जाए, तो मुख्यमंत्री भी किसी दूसरे राज्य से आते हैं, फिर क्या उन्हें भी घुसपैठिया कहा जाएगा? उनका आशय केवल यह था कि घुसपैठिया शब्द की परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। दुर्भाग्यवश, इस बयान को संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया और गलत तरीके से प्रचारित किया गया।

उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत अर्थों में प्रस्तुत किया गया। उनका आशय उत्तराखंड या वहां के लोगों के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था। उन्होंने केवल उन प्रवासी मजदूरों की स्थिति का उल्लेख किया था, जो अपने घर-परिवार और प्रदेश को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं और बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन-यापन करते हैं। उनका कहना था कि ऐसे श्रमिकों को घुसपैठिया बताकर संदेह की दृष्टि से देखा जाता है और कई बार उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया जाता है। इसी विषय को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी बात रखी थी।

सपा नेता ने कहा कि जहां तक घुसपैठिया का प्रश्न है, भाजपा प्रत्येक चुनाव से पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाती है। जिस राज्य में चुनाव होने होते हैं, वहां यह कहना शुरू कर दिया जाता है कि घुसपैठिए आ गए हैं। लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर घुसपैठिया किसे कहा जा रहा है। इस शब्द की कोई स्पष्ट परिभाषा सामने नहीं रखी जाती। इसलिए स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि भाजपा किन लोगों को घुसपैठिया मानती है और किस आधार पर यह आरोप लगाया जाता है।

सोनम बगवाड़ी ने कहा कि बहुत शुरुआत में तो हम यही समझते थे कि जो बांग्लादेशी लोग आ रहे हैं, जो गैरकानूनी तरीके से भारत में आए हैं, उनको घुसपैठिया कहा जाता है। लेकिन अगर आप डेटा को देखें, तो पिछले 12-14 साल में, जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में है, तब से कुल गिनती के 4,000 घुसपैठिए इस देश से बाहर भेजे गए हैं। भाजपा ने इस पूरे बयान को संदर्भ से अलग करके प्रचारित किया है। माफी मांगने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड या वहां के लोगों के संबंध में कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने केवल यह सवाल उठाया था कि यदि किसी व्यक्ति को उसके मूल राज्य के आधार पर घुसपैठिया कहा जा सकता है, तो उसी तर्क के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उत्तराखंड से आते हैं, फिर क्या उन्हें भी घुसपैठिया कहा जाएगा?

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि इसमें गठबंधन का कोई सवाल नहीं है। गलत बयान कोई दे देता है, उन्होंने इस प्रसंग में कहा कि उनकी मन:स्थिति ऐसी रही होगी, लेकिन हम कैसे मान लें? हमारा राज्य, जो कल तक उत्तराखंड के लोगों का भी राज्य था, वह उत्तर प्रदेश था। उत्तर प्रदेश को आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक बनाने और उसकी सेवा करने का काम उत्तराखंड के बेटों ने किया। हमारे लाखों बेटे उत्तर प्रदेश की राजकीय सेवाओं में कार्यरत थे और आज भी हैं। करीब डेढ़-दो लाख लोगों ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना और वहीं रह गए। वहीं उत्तर प्रदेश के भी बहुत सारे बेटे उत्तराखंड में रह गए।

हरीश रावत ने कहा कि जहां कोई रह गया, वह वहां का नागरिक है। उसको घुसपैठिया कैसे कहा जा सकता है? मैं जानता हूं कि घुसपैठिया के संदर्भ में कहा गया होगा, क्योंकि योगी आदित्यनाथ बार-बार घुसपैठिया, घुसपैठिया, घुसपैठिया कहते हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर व्यंग्य करना चाहा, लेकिन जो ‘उत्तराखंड’ शब्द आया है, उससे हमारी भावना आहत हुई। हमने कहा कि ऐसा बयान उचित नहीं है और मुझे उम्मीद है कि स्वयं अखिलेश यादव इसे सही करेंगे।

अन्य ख़बरें

जल, थल व वायुसेना के लिए 2.12 लाख करोड़ रुपए के रक्षा सौदों को मंजूरी

Newsdesk

अब समय आ गया है कि साउथ अफ्रीका आईसीसी के बड़े मंच पर फिर से शानदार प्रदर्शन करे : क्लूजनर

Newsdesk

असम: गुवाहाटी में गोलीबारी, 6 लोगों की मौत, कई घायल

Newsdesk

Leave a Comment

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading