बरगी क्षेत्र के देवरी और खापा में निरीक्षण के दौरान पकड़े गए मामले, अधिकारियों ने तैयार किया पंचनामा
जबलपुर। खेतों में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बरगी क्षेत्र के ग्राम देवरी और खापा में नरवाई जलाने की जानकारी मिलने पर राजस्व एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया। संबंधित व्यक्तियों से नियमानुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि भी वसूल की जाएगी।
उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि रविवार को किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान खेतों में नरवाई जलाने के मामले सामने आए। इनमें आशीष कुमार चौकसे, मिथिलेश चौकसे, कमलेश चौकसे, चम्मां राजपूत और संतोष गोंड के नाम शामिल हैं। इन व्यक्तियों के विरुद्ध वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जबलपुर द्वारा तैयार पंचनामा संबंधित तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अपर जिला दंडाधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के तहत जिले में नरवाई जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर भूमि के रकबे के आधार पर 2,500 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक की पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूलने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
फसल अवशेष नहीं जलाने की अपील
उप संचालक कृषि ने जिले के सभी किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई के दौरान सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रॉ रीपर या बेलर का उपयोग किया जाए। इससे खेतों की मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, मित्र कीटों को सुरक्षित रखने और पर्यावरण प्रदूषण रोकने में मदद मिलेगी। किसानों से प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन करने का आग्रह किया गया है।


