नई दिल्ली , टाटानगर को प्रमुख रेल हब के रूप में विकसित करने के लिए रेलवे ने बड़े पैमाने पर विकास योजनाओं को गति दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने झारखंड में रेल कनेक्टिविटी और क्षमता बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं की जानकारी दी। रेल मंत्री ने बताया कि टाटानगर स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके तहत मौजूदा 5 प्लेटफॉर्मों को बढ़ाकर 9 करने का प्रस्ताव है। स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी दोनों छोर पर नए स्टेशन भवन, एयर कॉनकोर्स, सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यार्ड क्षमता बढ़ाने के लिए अप ग्रिड में चार अतिरिक्त लूप लाइनों और तीन नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण की भी योजना है। इससे शहर के दोनों ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। क्षमता विस्तार के लिए आदित्यपुर-टाटानगर-सलगाझरी खंड में तीसरी लाइन का निर्माण जारी है। सीनी-कांड्रा और चांडिल-गम्हरिया खंडों में तीसरी एवं चौथी लाइन की योजना है, जबकि चांडिल-कांड्रा खंड में तीसरी-चौथी लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। राजखरसावां-डंगोआपोसी खंड की तीसरी लाइन पहले ही चालू हो चुकी है। टाटानगर को वंदे भारत सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव सुविधा सहित कोचिंग डिपो के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने की योजना पर स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा क्षेत्र में आरओबी, आरयूबी का निर्माण और सुंदरनगर में नए स्टेशन का विकास हो रहा है। इसी क्रम में आज 26 अक्टूबर को सांतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस की उद्घाटन विशेष सेवा शुरू की गई। यह ट्रेन टाटानगर, रांची, डालटनगंज, सासाराम, डीडीयू, प्रयागराज, कानपुर, आगरा होते हुए खातीपुरा तक जाएगी, जिससे उत्तर भारत और राजस्थान से सीधा जुड़ाव होगा। इससे औद्योगिक, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


