सिंगाजी की 660 और बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट यूनिट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रबंध संचालक ने की इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की सराहना
जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) की दो प्रमुख ताप विद्युत इकाइयों ने लगातार 100 दिनों तक बिजली उत्पादन कर परिचालन विश्वसनीयता और कार्यकुशलता का नया रिकॉर्ड बनाया है। अक्टूबर माह में हासिल इस उपलब्धि से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को मजबूती मिली है।
श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया की 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-4 ने 16 जुलाई 2026 से लगातार 100 दिनों तक संचालन किया। वहीं, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-5 ने 22 जुलाई 2026 से यह उपलब्धि हासिल की।
लगातार 100 दिनों के संचालन के दौरान सिंगाजी ताप विद्युत गृह की यूनिट-4 ने 88.61 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (पीएएफ) और 79.22 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) दर्ज किया। इस दौरान सहायक विद्युत खपत (एपीसी) 5.16 प्रतिशत रही।
इसी तरह संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट-5 ने 98.26 प्रतिशत पीएएफ और 97.92 प्रतिशत पीएलएफ हासिल किया, जबकि इसकी सहायक विद्युत खपत 5.71 प्रतिशत दर्ज की गई। विशेष रूप से 97.92 प्रतिशत पीएलएफ इस इकाई के उत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर एमपीपीजीसीएल के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने दोनों ताप विद्युत गृहों के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा संचालन एवं संधारण टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, समर्पण और आपसी समन्वय के कारण यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। उन्होंने सभी संबंधित टीमों को बधाई देते हुए भविष्य में भी विद्युत इकाइयों की विश्वसनीयता और उत्पादन दक्षता के उच्च मानक बनाए रखने का आह्वान किया।


