“चेक बाउंस समेत अन्य मामलों में समन और वारंट के बावजूदकोर्ट में पेश नहीं हुए थे थेटे, नागपुर से भोपाल पुलिस ने पकड़ाजबलपुर। मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी रमेश थेटे को भोपाल पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के मनीष नगर इलाके में कार्रवाई की। इसके बाद उन्हें भोपाल की अदालत में पेश किया गया, जहां से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि चेक बाउंस समेत विभिन्न मामलों में अदालत की ओर से कई बार समन और वारंट जारी किए गए थे। इसके बावजूद रमेश थेटे लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी करने के साथ उन्हें फरार घोषित कर दिया था।
जबलपुर में मॉडल रोड निर्माण से आए थे चर्चा में..
रमेश थेटे अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान कई बार सुर्खियों में रहे। उन्होंने छिंदवाड़ा में एसडीएम के रूप में सेवा शुरू की थी। इसके बाद वे जबलपुर नगर निगम के कमिश्नर बनाए गए। इस दौरान उनके कई सख्त फैसलों और विकास कार्यों की चर्चा हुई।
जबलपुर में उनके कार्यकाल के दौरान बनी मॉडल रोड को शहर के प्रमुख विकास कार्यों में गिना जाता है। तत्कालीन महापौर विश्वनाथ दुबे और पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंचल सोनकर के साथ भी उनके विवाद चर्चा में रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, थेटे की शिकायत पर अंचल सोनकर को जेल भी जाना पड़ा था।
कानूनी मामलों को लेकर भी रहे चर्चा
प्रशासनिक कार्यों के अलावा रमेश थेटे गीत-संगीत और फिल्म निर्माण में भी रुचि रखते थे। उनके खिलाफ विभिन्न कानूनी मामले भी सामने आए, जिनमें कथित रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले शामिल हैं। हालांकि, इन मामलों में आरोपों और न्यायालय के अंतिम फैसलों के बीच अंतर रखना जरूरी है।
रमेश थेटे का प्रशासनिक सफर और जबलपुर में उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्य लंबे समय तक चर्चा में रहे। अब नागपुर से गिरफ्तारी और अदालत से जमानत मिलने की घटना एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ले आई है।


