जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक अजय गुप्ता ने आज दमोह और पन्ना वृत्त की समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने मार्च 2026 की बकाया राशि को 1 जनवरी 2027 तक कम करने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि राजस्व वसूली में लापरवाही कतई सहन नहीं होगी। दमोह में बिजली चोरी और खराब प्रदर्शन पर अधीक्षण अभियंता को तत्काल एक कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने के आदेश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में कॉर्पोरेट कार्यालय जबलपुर के मुख्य महाप्रबंधक एम.ए. कुरैशी, मुख्य महाप्रबंधक वाणिज्य एस.के. निगम, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक वाणिज्य पी.के. अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक प्रवर्तन पी.के. क्षत्रिय, मुख्य महाप्रबंधक कार्य ए.के. धुर्वे, सागर क्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.आर. येमदे, दमोह व पन्ना के अधीक्षण अभियंता तथा दमोह के उत्तर एवं दक्षिण संभाग के कार्यपालन अभियंता मौजूद थे।
पुराने बड़े बकायेदारों पर होगी अब सीधी कुर्की
कंपनी प्रमुख ने फील्ड अमले को निर्देश दिए कि 6 माह से 1 वर्ष पुराने बकायेदारों से हर महीने चालू बिल के साथ बकाया का 20 प्रतिशत वसूला जाए। 3 वर्ष से अधिक समय से भुगतान अटकाने वाले बड़े डिफाल्टरों पर डीआरए और संपत्ति जब्ती का एक्शन होगा। गैर-घरेलू, औद्योगिक, कृषि पंप एवं हाईटेंशन कनेक्शनों से शत-प्रतिशत वसूली के लिए पावर बीआई के टारगेट पूरे करने होंगे।
हर महीने दस प्रतिशत खराब मीटर बदले जाएंगे
उपभोक्ताओं की बिलिंग दुरुस्त रखने के लिए सर्वाधिक खराब मीटरों की सूची में से हर महीने 10 प्रतिशत मीटर बदलना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही जले और खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को तय समय सीमा में बदलकर बिजली तुरंत चालू करने को कहा गया। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों का औपचारिक नहीं, बल्कि फील्ड में जाकर वास्तविक और संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने की सख्त हिदायत दी गई।
मजदूर बस्तियों का बिजली सर्वे पंद्रह नवंबर तक
त्योहारों और रबी सीजन में किसानों को बिना रुकावट गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी उपकेंद्रों व फीडरों के मेंटेनेंस के निर्देश दिए गए। ट्रिपिंग की समस्या पर रोक लगाने के साथ ही 5 से 10, 10 से 15 और 15 से 20 घरों वाली बस्तियों, मजदूर टोलों में विद्युतीकरण का सर्वे 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई।


