November 3, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

बरगवां अमलाई वार्ड-1 में नाली निर्माण बना आफत, बिना लेआउट और तकनीकी निगरानी के हो रहा काम

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*सड़क पर मिट्टी और कीचड़ से दुर्घटनाओं का खतरा, घरों के रास्ते बाधित, निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल*
बरगवां अमलाई। परिषद् द्वारा बरगवां अमलाई के वार्ड नंबर-1 में इन दिनों कराया जा रहा नाली निर्माण कार्य वार्डवासियों के लिए सुविधा की जगह परेशानी का सबब बन गया है। निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और तकनीकी मानकों की अनदेखी के चलते स्थानीय लोगों के साथ-साथ मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे की गई खुदाई से सड़क संकरी हो गई है। वहीं, खुदाई से निकली मिट्टी सड़क पर ही डाल दिए जाने के कारण रास्ते में कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर नाली का निर्माण कराया जा रहा है, वहां इसकी आवश्यकता को लेकर पहले से ही सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नाली के अंतिम छोर (एंड पॉइंट) पर पानी निकासी के लिए कोई उचित व्यवस्था या स्थान ही नहीं है। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रोपर लेआउट भी तैयार नहीं किया गया। ऐसे में बिना उचित जल निकासी की योजना के नाली निर्माण की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क पर फैली मिट्टी और कीचड़ के कारण बाइक सवार कई लोग फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। घरों के सामने रास्ते बाधित होने से लोगों को दैनिक आवागमन और निस्तार में परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि कई घरों में चारपहिया वाहनों का प्रवेश तक मुश्किल हो गया है।निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।  आरोप है कि नाली के ऊपर बनाए जा रहे ढक्कन इतने कमजोर हैं कि पैर रखते ही दरारे आ जाती है और टूटने लगते हैं। ढक्कन लगाने के बाद भी सड़क की सतह एक समान नहीं हो पा रही है। कहीं नाली की दीवार सड़क से ऊपर है तो कहीं सड़क से नीचे। नाली का निर्माण भी कई स्थानों पर असमान दिखाई दे रहा है और नीचे का हिस्सा खोखला होने की शिकायत की जा रही है। नाली के बेस में महज डेढ़ इंच मोटी ढलाई की जा रही है, जो निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े करती है। नाली को ढकने के लिए सड़क पर ही ढलाई किए जाने से आवागमन और अधिक जोखिम भरा हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य बिना किसी इंजीनियर की नियमित देखरेख के मनमाने तरीके से कराया जा रहा है। निर्माण में न तो एकरूपता दिखाई दे रही है और न ही निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन होता नजर आ रहा है।
नाली निर्माण के दौरान पानी सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन टूटने के बाद उसकी मरम्मत कराए बिना ही उसके ऊपर नाली की ढलाई कर दी गई। इसके कारण पानी लगातार बह रहा है। इससे लगातार पेयजल की बर्बादी हो रही है, लोगों ने ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नाली निर्माण की आवश्यकता, तैयार किए गए लेआउट, तकनीकी गुणवत्ता और स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप हो रहे कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए। निर्माण स्थल पर तकनीकी अधिकारी या इंजीनियर की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा सड़क पर फैली मिट्टी और मलबे को हटाकर आवागमन सुचारु किया जाए।
लोगों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य आमजन को सुविधा देना होना चाहिए, लेकिन वार्ड नंबर-1 में नाली निर्माण के नाम पर लोगों को परेशानी, दुर्घटना और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी मामले में तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच करें, ताकि सरकारी राशि का सदुपयोग हो और वार्डवासियों को राहत मिल सके।

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