जबलपुर। संजीवनी नगर में एक ही भवन में स्कूल और शराब दुकान संचालित होने के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने जबलपुर कलेक्टर को जांच समिति की रिपोर्ट पर 10 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।
संजीवनी नगर निवासी अजय पटेल की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर स्थित एक ही भवन में शराब दुकान और संस्कार भारती स्कूल संचालित हो रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, आबकारी नियमों के तहत शैक्षणिक संस्थान और शराब दुकान का इस तरह एक ही भवन में संचालन नियमों के विपरीत है।
याचिका में बताया गया कि इस संबंध में कलेक्टर और आबकारी विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने 28 अक्टूबर को संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा तथा राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह उपस्थित हुए। शासन की ओर से बताया गया कि कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट आ चुकी है। हालांकि, रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
इस पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को 10 दिन में निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने फिलहाल शराब दुकान बंद करने का आदेश नहीं दिया है। अब सभी की निगाहें कलेक्टर के फैसले पर टिकी हैं।


