सरस्वती स्कूल ग्राउंड में 40 से अधिक दुकानें लगीं, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य टीम भी गायब; कांग्रेस नेता शिव यादव ने प्रशासन की व्यवस्था पर उठाए सवाल
जबलपुर। त्योहारी सीजन में रांझी के सरस्वती स्कूल ग्राउंड में लगाए गए पटाखा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां एक ओर बड़ी संख्या में पटाखों की दुकानें सजी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार के बिल्कुल नजदीक गैस सिलेंडरों की बिक्री भी हो रही है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री और गैस सिलेंडरों की मौजूदगी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
कांग्रेस नेता शिव यादव ने बताया कि रांझी क्षेत्र का यह सबसे बड़ा पटाखा बाजार माना जाता है। यहां अब तक 40 से अधिक दुकानें लग चुकी हैं और आने वाले दिनों में इनकी संख्या 50 तक पहुंचने की संभावना है। इसके बावजूद सुरक्षा के जरूरी इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
दमकल और स्वास्थ्य टीम भी नदारद
बाजार में आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा बिजली विभाग (एमपीईबी) और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी मौके पर तैनात नहीं हैं। ऐसे में आग लगने या किसी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
अधिकारियों ने दिया व्यवस्था का भरोसा
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में नगर निगम के संबंधित जोन अधिकारी से चर्चा की। अधिकारियों ने डेढ़ से दो घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम से तत्काल सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पटाखा बाजार के पास गैस सिलेंडरों की बिक्री पर भी नियंत्रण जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।


