36.5 C
Jabalpur
April 23, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

मुद्रास्फीति 7 फीसदी से अधिक होने पर कर बढ़ाना क्र्रूरता : जयराम रमेश

नई दिल्ली ,20 जुलाई (आरएनएस)। कांग्रेस ने बुधवार को जीएसटी दरों में बढ़ोतरी का बचाव करने को लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की निंदा की और सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुद्रास्फीति 7 फीसदी से अधिक है, तब दरों में बढ़ोतरी करना क्रूरता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, जब सीपीआई मुद्रास्फीति 7 प्रतिशत से अधिक है और डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति 15 प्रतिशत से अधिक है, बेरोजगारी अधिक है, रुपये का मूल्यह्रास हो रहा है, चालू खाता घाटा बढ़ रहा है और मुद्रास्फीति दुनिया भर में बढऩे की संभावना है, तब कर की दरें बढ़ाना क्रूरता है।
बैठक में शामिल पश्चिम बंगाल की वित्तमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि यह वर्चुअल है। केंद्रीय वित्तमंत्री आमने-सामने नहीं मिलीं और एक-दूसरे से सलाह-मशविरा नहीं किया। चंद्रिमा ने कहा कि उन्होंने (और कुछ अन्य लोगों ने) फिटमेंट कमेटी की रिपोर्ट का विरोध किया था, जिसमें कर वृद्धि की सिफारिश की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और वित्तमंत्री अपना रुख बदलते हुए अब सहमति शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं, न कि सर्वसम्मति।
जयराम रमेश ने कहा, गरीब उपभोक्ताओं को पहले से पैक और लेबल वाले सामान खरीदने की इच्छा क्यों नहीं रखनी चाहिए?
उन्होंने कहा, मोदी सरकार जन-आकांक्षा को दंडित कर रही है और अधिक स्वच्छ रूप से पैक किए गए सामान खरीदने की इच्छा मूल्य सूची देखकर दबानी पड़ती है। श्मशान पर जीएसटी बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है!
उन्होंने सवाल किया, पहले से पैक किए गए सामान में कुछ इनपुट टैक्स हैं। क्या उत्पादकों और विक्रेताओं की ओर से प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले सामानों पर जीएसटी लगाने की मांग की गई थी? हमारी जानकारी में तो नहीं है।
रमेश ने पूछा, छोटे व्यवसायी, दुकानदार और उपभोक्ता – सभी हितधारक संशोधित जीएसटी दरों के बारे में शिकायत क्यों कर रहे हैं?

अन्य ख़बरें

बंगाल में भाजपा सरकार बनाओ, हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकाल देंगे: अमित शाह

Newsdesk

जयशंकर ने इंडिया-अफ्रीका समिट का लोगो किया लॉन्च, बोले- अफ्रीका के विकास के बिना हमारा विकास अधूरा

Newsdesk

2003 के एनसीपी नेता हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading