बीजिंग, 21 जून | इसी महीने में पेइचिंग शहर में नये कोरोना वायरस यूरोप में मिले वायरस स्ट्रेन से संबंध काफी निकट है। महामारी पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नियमित संवाददाता सम्मेलन में डब्ल्यूएचओ के संबंधित अधिकारियों ने यह बात कही।
डब्ल्यूएचओ की स्वास्थ्य आपातकालीन परियोजना की तकनीकी पर्यवेक्षक मारिया वैन कोखोव ने कहा कि चीन ने डब्ल्यूएचओ और ग्लोबल इन्फ्लुएंजा डेटा पहल को इस बार पेइचिंग में नये कोरोना वायरस का जीनोम अनुक्रम डेटा प्रदान किया। अध्ययन के अनुसार इस बार नये कोरोना वायरस और यूरोप में मिले वायरस स्ट्रेन के बीच संबंध काफी निकट है।
डब्ल्यूएचओ की स्वास्थ्य आपातकालीन परियोजना के प्रमुख माइकल रयान ने कहा कि वर्तमान में पूरे दुनिया में कोविड-19 के विभिन्न स्ट्रेन प्रसारित हो रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि इस बार पेइचिंग में वायरस यूरोप से आया। अब वायरस के प्रसार के समय और प्रसार श्रृंखला का निर्धारण सबसे महत्वपूर्ण है।
माइकल रयान ने कहा कि क्योंकि कुछ देशों में महामारी की रोकथाम और नियंत्रण कार्य असफल है, ये देश महामारी के दूसरे शिखर का सामना करेंगे। उन्होंने अपील की कि एकत्रित मामले पैदा होना दूसरे बार की महामारी आने का मतलब नहीं है। उम्मीद है कि महामारी के सामने सभी देश उत्तरदायी होंगे। उन्हें डेटा सर्वेक्षण, परिक्षण और अन्य संबंधित कदमों का उपयोग करना चाहिये। इसीलिये वे न्यूनतम सामाजिक लागत से महामरी की रोकथाम कर सकेंगे।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)


