July 26, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

HC की अहम टिप्पणी, पत्नी की दूसरी महिलाओं से तुलना करना और बार-बार ताने मारना मानसिक क्रूरता

तेलंगाना 17 Aug. (Rns): केरल हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा कि पति द्वारा पत्नी को बार-बार ताना मारना और अन्य स्त्रियों से तुलना करना एक प्रकार से मानसिक क्रूरता है। यह टिप्पणी उस समय आई जब केरल हाई कोर्ट की बेंच फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अर्जी पर सुनवाई कर रही थी।

न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति सीएस सुधा की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की है। कोर्ट द्वारा यह भी कहा गया कि पति का बार-बार ताना मारना और अन्य महिलाओं के साथ तुलना निश्चित रूप से मानसिक क्रूरता है। क्या किसी पत्नी से भी ऐसी उम्मीद की जा सकती है। याचिकाकर्ता पत्नी की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई की है।

पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसका पति उसे लगातार याद दिलाता था कि वह दिखने के मामले में उसकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं करती है। इतना ही नहीं उसने अपनी पत्नी से यह भी कहा कि अन्य महिलाओं की तुलना में वह उसे निराश करती है। उनके भाई की पत्नियां उससे ज्यादा सुंदर हैं। अदालत ने कहा कि हालांकि तलाक के लिए यह पर्याप्त कारण नहीं है, लेकिन कानून को इस तथ्य पर ध्यान देना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणियां की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जनहित की मांग है कि जहां तक ​​संभव हो वैवाहिक स्थिति को बनाए रखा जाना चाहिए। जबकि एक शादी को बचाए रखने की उम्मीद की बजाय उसे बर्बाद किया जा रहा हो।

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