डोनेत्स्क ,23 सितंबर । यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों में रूस में शामिल होने के लिए शुक्रवार को तथाकथित ‘जनमत संग्रह आयोजित किया जा रहा है।
रूस यूक्रेन के क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा है।
यूक्रेन के चार क्षेत्रों में आज से मतदान शुरू हो रहा है जहां रूस ने अपने आक्रमण के दौरान जीत हासिल की है। इस सप्ताह की शुरुआत में लुहान्स्क और डोनेट्स्क के पूर्वी क्षेत्रों के साथ-साथ दक्षिण में ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन में स्नैप मतदान कराए गए थे।
उक्त चारों क्षेत्र यूक्रेन के लगभग 15 प्रतिशत या हंगरी के आकार के क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। जनमत संग्रह के दौरान पांच दिनों तक मतदान होना है।
चुनावी अधिकारी आज से सोमवार तक पोर्टेबल बैलेट बॉक्स के साथ घर-घर जाएंगे। मतदान केंद्रों का संचालन केवल पांचवें दिन 27 सितंबर को होगा। मतदान के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है।
उस दिन सैकड़ों मतदान केंद्र खुलने वाले हैं, जिसमें मतदाता अपने क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों में भी मतदान कर सकेंगे जबकि शरणार्थी रूस के कुछ हिस्सों में ही मतदान करने के योग्य होंगे।
वर्ष 2014 से रूसी समर्थित अलगाववादियों के नियंत्रण वाले लुहांस्क और डोनेट्स्क के कुछ हिस्सों जहां वोटिंग पेपर केवल रूसी में लिखे जाएंगे। दोनों स्थानों पर इस साल अधिक क्षेत्र लिया गया है।
यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों ने भूमि हड़पने के रूप में इस कदम की निंदा की है और मतपत्रों के परिणामों को पहचानने से इनकार कर दिया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि यह ‘खतरनाक तनाव वृद्धिÓ है। उन्होने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि यूक्रेन की धरती पर रूस का कोई भी दावा यूक्रेन के अपने बचाव के अधिकार को नहीं छीन सकता।
गुरुवार की रात को अपने संबोधन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि मतपत्र ‘दिखावाÓ और ‘अलोकतांत्रिकÓ है।
आशंका जताई जा रही है कि इससे युद्ध में और तेजी आ सकती है। रूस ने वर्ष 2014 में तथाकथित जनमत संग्रह के जरिये दक्षिणी यूक्रेन में क्रीमिया पर कब्जा कर लिया जिसे इसी तरह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से नाजायज करार दिया गया था।


