25.5 C
Jabalpur
December 2, 2022
सी टाइम्स
राष्ट्रीय हेल्थ एंड साइंस

ग्रेटर नोएडा : जिला कारागार में 31 एचआईवी पॉजिटिव कैदी मिले, जिले में कुल 750 मरीज

ग्रेटर नोएडा, 24 नवंबर (आईएएनएस)| जिला जेल में हुई जांच के बाद 31 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले हैं। उनका इलाज एआरटी सेंटर से चल रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 750 एचआईवी के मरीज पंजीकृत हैं। ग्रेटर नोएडा के लुक्सर स्थित जिला कारागार में हुई जांच के बाद जेल में बंद 31 कैदी एचआइवी पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला कारागार में शिविर लगाकर हुई जांच के बाद यह आंकड़े सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी पॉजिटिव मिले बंदियों को एआरटी सेंटर में पंजीकृत कराने के बाद मरीजों की एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) कराने के लिए जेल प्रशासन को कहा है। लुक्सर स्थित जिला कारागार में बंद कैदिओं की जांच के लिए एचआइवी शिविर लगाया गया था। करीब 15 दिन चले जांच में शिविर में 2650 कैदीओं की स्क्रीनिंग के बाद नमूने लिए गए। 31 कैदी एचआइवी पॉजिटिव मिले हैं।

जिला कारागार में 31 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने पर जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले कैदीयों की जांच हुई थी। जांच के दौरान जो कैदी एचआईवी पाजीटिव आए हैं, उनका एआरटी सेंटर से इलाज चल रहा है।

एसीएमओ व एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शिरीष जैन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जिला कारागार में शिविर लगाकर बंदियों के सैंपल एचआइवी जांच के लिए लिए जाते हैं। पूर्व में हुई जांच में कई मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। सभी का एआरटी सेंटर में इलाज किया जाता है। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पवन कुमार का कहना है कि एचआइवी पॉजिटिव पाए गए मरीजों का सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी (एआरटी) में इलाज किया जा रहा है।

इस समय जिले में 750 एचआईवी के मरीज पंजीकृत हैं। इस बार मिले 31 एचआईवी पॉजिटिव कैदियों का एआरटी सेंटर में पंजीकृत करा दिया गया है।

अन्य ख़बरें

मप्र के 34 फीसदी घरों तक पहुंचा नल का जल

Newsdesk

यूपी : मां और बेटे को बदमाशों ने बंदूक की नोक पर लूटा

Newsdesk

मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया

Newsdesk

Leave a Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy