गौतमबुद्धनगर, 19 जुलाई| उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में कोरोना संक्रमण से अब तक 38 लोगों की जान गई है, वहीं मानसिक तनाव के चलते 100 से अधिक लोगों ने खुदखुशी करके अपना जीवन काल खत्म किया है। ताजा मामला सेक्टर-27 का है, जहां एक व्यक्ति ने होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शव के पास से सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें कर्ज न चुकाने पाने के कारण यह कदम उठाने की बात लिखी है। हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है, जिले में 4 से 11 जुलाई तक 8 से 9 लोग खुदखुशी कर चुके हैं। डीसीपी (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला का कहना है कि “मानसिक तनाव, एकांतवास और परेशानियों के चलते लोग यह कदम उठा रहें हैं।” एक मनोवैज्ञानिक ने हालांकि बताया, “कोरोना महामारी को लेकर लोगों के मन मे डर बना हुआ है। इस वजह से लोग मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।”
जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. ने आईएएनएस से कहा, “ये एक बेहद गंभीर विषय है और हम अपने डॉक्टर्स से इस विषय पर बातचीत करेंगे और सुझाव लेंगे। जल्द ही इस विषय पर ध्यान देकर हम उचित कदम उठाएंगे।”
नोएडा सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस के एक डॉक्टर ने आईएएनएस को बताया, “यहां आत्महत्या करने वालों के रोजाना 1 से 2 शव आ रहे हैं। शवों का कुछ तय नहीं, दिन में कभी 3 भी आ जाते हैं। लेकिन जब से कोरोना का प्रकोप शुरू हुआ है और लॉकडाउन लगा, तबसे एक्सीडेंट वाले शव कम आए हैं। लेकिन आत्महत्या करने वालों के शव ज्यादा आने लगे हैं।”
पोस्टमार्टम हाउस में कार्यरत एक व्यक्ति ने बताया, “लॉकडाउन में शवों के पोस्टमार्टम कम हुए हैं। जितने भी हुए, वे आत्महत्या के मामले थे। यूं तो सभी उम्र के लोगों के शव यहां लाए गए, लेकिन ज्यादातर 25 से 45 वर्ष उम्र के लोगों के शव आए हैं।”
मनोविज्ञानिक डॉ. अर्चना शर्मा ने आईएएनएस से कहा, “पेंडेमिक सिचुएशन में आत्महत्या के मामले काफी बढ़े हैं। नौकरी चला जाना, सैलरी कटना, 12-12 घंटे लैपटॉप पर काम करना। फिर फ्री होने पर कोरोना के बारे में सुनते रहना, सभी प्लेटफॉर्म पर सिर्फ एक ही चीज सुनते रहना, इससे लोग परेशान हो रहे हैं। उनके मन में डर है। इन हालात में लोग अब मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। अब हमारे पास भी पहले से ज्यादा लोग फोन करने लगे हैं।”
उन्होंने कहा, “हम यही सुझाव देंगे कि बहुत ज्यादा फिक्र न करें, कोरोना वाले समाचार कम से कम देखें, सोशल मीडिया पर एक ही चीज बार-बार न देखें, परिजनों से बात करें, अपने दोस्तों और अन्य करीबियों से फोन पर बात करें। उनसे अपने मन की बात साझा किया करें। इससे जी हल्का होगा, तनाव घटेगा।”


