June 23, 2026
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सुशांत के पिता ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 11 अगस्त | सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मुंबई पुलिस ने उनके बेटे की मौत के मामले में असली संदिग्धों या आरोपियों को छोड़कर सभी को तलब किया है और साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि सुशांत की गर्दन पर देखा गया निशान बेल्ट का हो सकता है। सुशांत के पिता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय के समक्ष दलील दी है कि परिवार को मुंबई पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है। मुंबई पुलिस को रिया चक्रवर्ती की भूमिका पर पहले ही जांच करनी चाहिए थी, लेकिन वे कुछ और ही कर रहे थे। 

सिंह ने शीर्ष अदालत को बताया कि सुशांत के परिवार ने कभी उसकी बॉडी को फांसी के फंदे से लटकते हुए नहीं देखा है और इससे शक पैदा होता है।

उन्होंने अपना तर्क देते हुए कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि मेरे मुवक्किल ने अपना बेटा खोया है। मुंबई पुलिस ने सुशांत के पिता की बात को न मानते हुए जांच को पूरी तरह से एक अलग दिशा में लेकर गए।”

उन्होंने आगे कहा, “उनकी बेटी ने भी शव को तब देखा जब उसे कथित तौर पर नीचे उतारा जा चुका था। परिवार में किसी ने भी बॉडी को फंदे से लटकते हुए नहीं देखा।”

सिंह ने अपनी दलील देते हुए यह भी कहा कि सुशांत के शोषण, विश्वास का आपराधिक उल्लंघन और धोखाधड़ी के सभी परिणामों का खुलासा पटना में ही हुआ। इसलिए पटना पुलिस के पास सीआरपीसी की धारा 179 के तहत एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले में पहले ही कई दिनों की देरी हो चुकी है और अगर अभी और देर होगी तो सबूत नष्ट हो जाएंगे।

उन्होंने तर्क देते हुए आगे कहा कि अगर रिया सीबीआई जांच चाहती थी तो कोर्ट को पहले ही इस पर मंजूरी दे देनी चाहिए थी और यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि सीबीआई अधिकारियों पर होम क्वारंटाइन का नियम लागू न हो।

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