September 5, 2026
सी टाइम्स
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर कुलपतियों का सम्मेलन

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन पर पश्चिमी ज़ोन के कुलपतियों के सम्मेलन में शामिल हुए। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी इस अवसर की मौजूद थे। यहां धर्मेंद्र प्रधान ने एनईपी-2020 के जमीनी कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए इस प्रथम जोन-स्तरीय सम्मेलन के आयोजन सराहना की।

उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 जो 2022 में काशी में गंगातट पर शिक्षा समागम से शुरू हुई, आज नर्मदा के पठार पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन तक पहुंची है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए दृष्टिकोण, रोडमैप एवं रणनीतियों को स्पष्ट करने की यह यात्रा भारत का उज्जवल भविष्य निर्मित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इस एनईपी के प्राथमिकता वाले क्षेत्र भारतीय भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता शिक्षा हैं।

उन्होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन एक नई संस्कृति के विकास और बहु-विषयक शिक्षा की सर्वोत्तम पद्धतियों, एक से अधिक बार प्रवेश-निकास और प्रभावी एनईपी कार्यान्वयन के जरिए सभी के लिए समान अवसरों की राह बनाएगा।

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन एनईपी के कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श कर रहा है, विशेष रूप से शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षा में स्किल प्रदान करने का इकोसिस्टम, अनुसंधान, शिक्षा में नवाचार और उद्यमिता, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा अंतर्राष्ट्रीयकरण जैसे क्षेत्रों पर।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से निकले दृष्टिकोण, विचार और रोडमैप को सर्वोत्तम पद्धतियों एवं केस स्टडी के एक संग्रह में बदला जाएगा और उसे एनईपी कार्यान्वयन में एक समान दृष्टिकोण लाने के लिए कॉलेज स्तर पर मुहैया कराया जाएगा।

सम्मेलन के दौरान कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गवर्नेंस – उच्च शिक्षा तक पहुंच, सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) को समान और समावेशी शिक्षा के मुद्दे, शिक्षा और भविष्य की श्रमशक्ति को कौशल प्रदान करने के बीच तालमेल, कौशल, उद्योग संपर्क और रोजगारप्रदेयता के एकीकरण के माध्यम से समग्र शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता, अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण और भारतीय ज्ञान प्रणाली आदि पर पैनल चर्चाएं शामिल थीं।

इस कार्यक्रम में यूजीसी के प्रो. एम. जगदीश कुमार व एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टी.जी. सीताराम, कुलपति और प्रख्यात शिक्षाविद् उपस्थित थे।

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