26.5 C
Jabalpur
September 15, 2026
सी टाइम्स
क्राइमप्रादेशिकहेडलाइंस

रांची के उमेडंडा में असामाजिक तत्वों ने तीन मंदिरों की प्रतिमाएं तोड़ीं, गुस्साए लोग सड़कों पर उतरे

रांची, 11 मार्च । रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के उमेडंडा में असामाजिक तत्वों ने तीन मंदिरों में स्थापित प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात की है।

सोमवार सुबह जैसे ही इलाके में यह खबर फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने उमेडंडा की मुख्य सड़क को जाम कर दिया। लोग मंदिर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने वालों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, शिव मंदिर में शिवलिंग, नंदी, बजरंग बली की मूर्ति और मां भगवती मंदिर में पिंडी और भगवती के त्रिशूल को अपराधियों ने खंडित किया है। घटना की जानकारी सोमवार को तब हुई, जब गांव के लोग मंदिर में पूजा करने पहुंचे। मंदिर में खंडित प्रतिमाएं इधर-उधर बिखरी पड़ी पाई गईं।

जन आक्रोश को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। रांची के सांसद संजय सेठ और कांके क्षेत्र के विधायक समरी लाल भी मौके पर पहुंचे।

सांसद ने कहा कि इसके पहले रांची के बरियातू में भी मंदिर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया था। पुलिस-प्रशासन अब तक अपराधियों का पता नहीं लगा पाई है।

उन्होंने रांची सहित पूरे झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। सांसद और विधायक ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, वे ग्रामीणों के साथ यहीं रहेंगे।

लोगों का कहना है कि उनकी आस्था पर लगातार प्रहार हो रहा है। असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ गया है। पुलिस पहले ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।

बता दें कि इसके पहले शनिवार की रात गिरिडीह के जैन मंदिर में भी अपराधियों ने तोड़फोड़ की थी। चोर मंदिर से भगवान महावीर के 12 छोटी-छोटी प्रतिमाएं, चांदी का छत्र, चांदी का अष्टपति हार चोरी कर ले गए।

अन्य ख़बरें

धम्म संस्था का मुख्य उद्देश्य शीलवान समाज का निर्माण, सभी पदाधिकारी उद्देश्य की पूर्ति के लिये निष्ठा से कार्य

Newsdesk

फुटबॉल संघ जिला अध्यक्ष एवं विधायक गौरव सिंह पारधी के नेतृत्व में जिले में फुटबॉल को मिल रहा नया मंच

Newsdesk

बुढ़ानपुर पंचायत में ‘भ्रष्टाचार की मिठाई’ का खेल..!

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading